भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच के अनुरूप, मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को पूरे प्रदेश में 'कृषक कल्याण वर्ष' (कृषि वर्ष) के रूप में अत्यंत उत्साह और समर्पण के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष वर्ष का मुख्य उद्देश्य अन्नदाताओं की आय में वृद्धि करना, उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ना और खेती को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में स्थापित करना है। इसी व्यापक दृष्टिकोण और शासन की किसान-हितैषी मंशा को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए बड़वानी जिले में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक अभियान का शुभारंभ किया गया है।
आगामी खरीफ मौसम की फसलों की पुख्ता और वैज्ञानिक तैयारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बड़वानी जिले में 16 मई 2026 से लेकर 25 मई 2026 तक एक वृहद '10 दिवसीय कृषि रथ' अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान का औपचारिक और भव्य शुभारंभ 16 मई 2026 को जिला स्तर पर क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री गजेन्द्रसिंह पटेल जी के कर-कमलों द्वारा किया गया। सांसद महोदय ने 'कृषक कल्याण रथ' को विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के कोने-कोने में जाकर किसानों के जीवन में कृषि क्रांति का नया सवेरा लाएगा।
कृषि रथ के भ्रमण की व्यापक कार्ययोजना और रूपरेखा : इस पूरे अभियान को अत्यंत सुनियोजित तरीके से बड़वानी जिले के चप्पे-चप्पे तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कृषि रथ जिले के समस्त विकासखंडों (ब्लॉकों) का सघन भ्रमण करेगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक विकासखंड में यह विशेष रथ प्रतिदिन कम से कम 03 ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से पहुंचे। ग्राम पंचायत स्तर पर पहुंचकर यह रथ किसानों की चौपालों, खेतों और गांव के प्रमुख चौराहों पर रुककर शासन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। इस सूक्ष्म स्तरीय कार्ययोजना का लक्ष्य 'कृषक कल्याण वर्ष' की मूल भावना को जिले के अंतिम छोर पर बैठे किसान और ग्राम स्तर तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है।
कृषि रथ अभियान के प्रमुख उद्देश्य और स्तंभ (विस्तृत विवरण) : इस 10 दिवसीय 'कृषि रथ' अभियान को कई महत्वपूर्ण आधार स्तंभों पर खड़ा किया गया है, जिनका बिंदुवार और विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:
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1. कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना: इस अभियान का सबसे बड़ा और प्राथमिक उद्देश्य जिले के परिश्रमी किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच मौजूद दूरी को समाप्त कर एक सीधा संवाद (Direct Communication) स्थापित करना है। इसके माध्यम से किसान अपनी फसलों से जुड़ी स्थानीय समस्याओं को सीधे विशेषज्ञों के सामने रख सकेंगे और वैज्ञानिक उन्हें उनकी मिट्टी और जलवायु के अनुकूल सटीक वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराएंगे।
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2. समन्वित विभागों की प्रभावी भागीदारी: खेती केवल फसलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र ईको-सिस्टम है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, इस कृषि रथ के माध्यम से कृषि विभाग के साथ-साथ संबद्ध विभागों जैसे- पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग और मत्स्य पालन विभाग को भी एक ही मंच पर लाया गया है। किसान एक ही स्थान पर खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी और मछली पालन से जुड़ी नवीनतम और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
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3. ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था का प्रचार: किसानों को खाद और उर्वरक प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न হোক और वितरण प्रणाली में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए शासन द्वारा लागू की गई 'ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था' की विस्तृत जानकारी इस रथ के माध्यम से गांव-गांव में दी जा रही है। किसानों को ई-टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया और इसके लाभों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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4. पर्यावरण संरक्षण हेतु पराली प्रबंधन की जानकारी: फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों (पराली) को जलाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण और मिट्टी की उर्वरा शक्ति के नुकसान को रोकने के लिए 'पराली प्रबंधन' एक अत्यंत ज्वलंत विषय है। कृषि रथ के माध्यम से किसानों को पराली को जलाने के बजाय उसे जैविक खाद में बदलने और पराली प्रबंधन से संबंधित शासन की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से शिक्षित किया जा रहा है।
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5. जैविक एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार: रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करने के लिए शासन जैविक और प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर दे रहा है। इस अभियान के तहत बड़वानी जिले के किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने, केंचुआ खाद बनाने और प्राकृतिक कीटनाशकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि जिले में प्राकृतिक कृषि का रकबा बढ़ाया जा सके।
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6. मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) योजना का लाभ: अच्छी फसल के लिए मिट्टी के स्वास्थ्य की जानकारी होना नितांत आवश्यक है। 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' का व्यापक प्रचार-प्रसार इस रथ का एक मुख्य एजेंडा है। किसानों को अपनी मिट्टी का परीक्षण कराने की प्रक्रिया, मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति और कार्ड के आधार पर सही मात्रा में उर्वरकों के उपयोग की वैज्ञानिक समझ प्रदान की जा रही है।
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7. एकीकृत पोषक तत्व एवं कीट-रोग प्रबंधन: खरीफ की फसलों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीटों और रोगों से बचाव के लिए 'एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन' (Integrated Pest & Disease Management) की नवीन तकनीकी जानकारी किसानों तक पहुंचाई जा रही है। साथ ही, फसलों को सही समय पर सही पोषण देने के लिए 'एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन' की वैज्ञानिक विधियों से भी कृषकों को अवगत कराया जा रहा है।
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8. कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के अचूक उपाय: खेती को घाटे के सौदे से निकालकर एक मुनाफे वाले व्यवसाय में कैसे तब्दील किया जाए, इस पर कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों का मार्गदर्शन किया जा رہا है। इसके अंतर्गत 'फसल विविधीकरण' (Crop Diversification) को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस है। किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ कम लागत और अधिक मुनाफे वाली नकदी फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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9. कृषि अभियांत्रिकी और खेतों का समतलीकरण: आगामी खरीफ बुवाई से पूर्व खेतों की सही तैयारी के महत्व को समझाते हुए, कृषि अभियांत्रिकी (Agricultural Engineering) के उपयोग का प्रचार किया जा रहा है। ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों की मदद से खरीफ पूर्व खेतों के उचित समतलीकरण और गहरी जुताई की जानकारी दी जा रही है, ताकि मानसून की बारिश का पानी खेतों में सही ढंग से संरक्षित हो सके और बीजों का अंकुरण उत्कृष्ट हो।
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10. विभागीय योजनाओं का समग्र प्रचार-प्रसार: इन सभी तकनीकी जानकारियों के अतिरिक्त, मध्यप्रदेश शासन और केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही अन्य तमाम विभागीय योजनाओं, सब्सिडी और अनुदानों की जानकारी भी कृषि रथ के माध्यम से किसानों के दरवाजे तक पहुंचाई जा रही है।
भव्य शुभारंभ समारोह और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति : बड़वानी जिला स्तर पर आयोजित इस 'कृषि रथ' के शुभारंभ कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद श्री गजेन्द्रसिंह पटेल जी के साथ श्री वासुदेव मुकाती जी और श्री जगदीश धनगर जी की विशेष और गरिमामयी उपस्थिति रही। इनके साथ ही जिले के उप संचालक कृषि श्री के.सी. वास्केल जी एवं कृषि व अन्य संबद्ध विभागों के तमाम वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने और इस जन-जागरूकता अभियान को गति प्रदान करने के लिए जिले के समस्त विकासखंडों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पूरी सक्रियता दिखाई और अपने-अपने क्षेत्रों में 'कृषि रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह 10 दिवसीय विशेष अभियान बड़वानी जिले के कृषि परिदृश्य में एक सकारात्मक और दूरगामी बदलाव लाने की दिशा में एक अत्यंत मील का पत्थर साबित होगा।
Image Source :https://barwani.mpinfo.org
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