बैतूल जिले में सुशासन और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस आयोजन का उद्देश्य आमजनों की शिकायतों का एक ही छत के नीचे प्रभावी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।
जनसुनवाई: जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम
जनसुनवाई में बैतूल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखीं। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से राजस्व मामले, भूमि विवाद, पेंशन, आवास योजना, विद्युत समस्या, जलापूर्ति और निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से मौके पर ही चर्चा की। जिन मामलों का निराकरण तत्काल संभव था, उन्हें उसी समय निपटाया गया, जबकि अन्य जटिल प्रकरणों के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्या का समाधान करें।
आवेदनों पर हुई प्रमुख कार्यवाहियां
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न प्रकरणों में अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिए:
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भूमि विवाद और सीमांकन: ग्राम गोधना (प्रभातपट्टन) निवासी हेमराज द्वारा रास्ते के अवरोध की शिकायत पर तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं, ग्राम कोयलारी निवासी प्रभाकर धानेकर के भूमि सुधार एवं सीमांकन आवेदन पर नायब तहसीलदार झल्लार को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
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निर्माण एवं विकास कार्य: ग्राम तिवरखेड के सहदेव को खेत में रिटर्निंग वॉल निर्माण हेतु जनपद पंचायत सीईओ (प्रभात पट्टन) को निर्देशित किया गया। ग्राम सावंगी निवासी गुलाबराव पाटणकर की नाले की दीवार और रास्ता दुरुस्त करने की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री (EE) को तत्काल सुधार कार्य करने के निर्देश दिए गए।
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जल एवं बुनियादी सुविधाएं: बडोरा (बैतूल) के रहवासियों द्वारा पानी की समस्या और सड़क निर्माण की मांग पर अपर कलेक्टर ने जनपद सीईओ बैतूल को जांच कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, हिवरखेड़ के विश्वनाथ धोटे की 'जल जीवन मिशन' के तहत मरम्मत न होने की शिकायत पर पीएचई (PHE) के कार्यपालन यंत्री को सख्त निर्देश दिए गए।
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कब्जा और रोजगार: भैंसदेही के ग्राम जावरा महतपुर निवासी संतोष वरकड़े को कब्जे की भूमि दिलाने हेतु तहसीलदार भैंसदेही को निर्देशित किया गया। साथ ही, रोजगार संबंधी आवेदन पर संबंधित रोजगार अधिकारी को निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।
प्रशासनिक टीम की भागीदारी
इस जनसुनवाई कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने कलेक्टर के साथ मिलकर नागरिकों की समस्याओं को सुना:
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अपर कलेक्टर: श्रीमती वंदना जाट
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संयुक्त कलेक्टर: श्री मकसूद अहमद
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अन्य: विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ और तहसील स्तर के प्रतिनिधि।
प्रशासन का संकल्प: सुशासन और त्वरित न्याय
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को केवल पत्राचार का विषय न बनाया जाए, बल्कि उनका धरातल पर समाधान हो। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। प्रशासनिक अधिकारियों की यह सक्रियता बैतूल जिले में जनमानस के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस प्रकार की जनसुनवाई न केवल नागरिकों को अपनी व्यथा रखने का मंच प्रदान करती है, बल्कि सरकारी तंत्र को भी अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाती है।
Image source: https://betul.mpinfo.org
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