बैतूल जिले में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक के दौरान जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, लंबित प्रकरणों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कड़ी समीक्षा की। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लोक सेवा से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से खाद वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने और अवैध खनन के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
खाद वितरण और अवैध खनन पर कड़ी चेतावनी
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि:
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खाद वितरण: जिले के सभी निजी खाद विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित हो कि किसानों को खाद सुचारू रूप से और निर्धारित दर पर उपलब्ध हो। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
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अवैध खनन: जिले में खनन प्रतिबंध के आदेशों का सख्ती से पालन हो। सभी एसडीएम अपने क्षेत्रों में नियमित फील्ड मॉनिटरिंग करें। अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ प्रभावी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी पर सख्ती
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में धीमी गति को गंभीरता से लिया:
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निराकरण का लक्ष्य: लोक निर्माण, राजस्व, जल संसाधन, स्कूल शिक्षा और पीएचई सहित अन्य विभागों को एक सप्ताह के भीतर अधिकतम शिकायतों का निराकरण करने का लक्ष्य दिया गया।
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विशेष प्रयास: जनपद पंचायत भैंसदेही, घोड़ाडोंगरी और आठनेर में शिकायतों के निराकरण की प्रगति कम पाई गई, जिन्हें विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
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अर्थदंड का प्रावधान: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत जो प्रकरण समय-सीमा से बाहर हो गए हैं, उनमें संबंधित अधिकारियों पर अर्थदंड (Penalty) अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए हैं।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का क्रियान्वयन
कलेक्टर ने 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले के 554 ग्रामों को इस अभियान के तहत चिन्हित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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इन ग्रामों में अधोसंरचना विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
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शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुँचे।
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आगामी समय में कलेक्टर स्वयं इन ग्रामों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जांच हो सके।
विभागीय विकास कार्यों को गति देने के निर्देश
बैठक में विभिन्न विभागों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
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शिक्षा एवं महिला बाल विकास: महिला एवं बाल विकास विभाग को अगले एक वर्ष में 'आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र' विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। शिक्षा विभाग को चिन्हित कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए।
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खेल विभाग: परंपरागत खेलों के साथ-साथ एथलेटिक ट्रैक विकसित करने के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।
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जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF): आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा हुई, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, नगरीय निकाय और जल संसाधन जैसे विभागों को स्थायी प्रभाव वाले कार्य प्रस्तावित करने को कहा गया।
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राजस्व प्रकरण: झल्लार क्षेत्र के राजस्व प्रकरणों में मिलान एवं त्रुटि सुधार में लापरवाही बरतने पर नायब तहसीलदार झल्लार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में पर्यटन विकास कार्ययोजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना और समग्र शिक्षा अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों के जिला अधिकारियों और एसडीएम को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग करें ताकि शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके।
Image Source: https://betul.mpinfo.org
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