नीमच जिले में शतरंज के प्रति बढ़ते रुझान और खिलाड़ियों को एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करने के उद्देश्य से, जिला शतरंज संघ द्वारा 'राष्ट्रीय ओपन रैपिड शतरंज प्रतियोगिता' का आयोजन किया गया। रविवार को टाउन हॉल में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने पहली चाल चलकर किया। यह प्रतियोगिता न केवल स्थानीय खिलाड़ियों के लिए, बल्कि मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए शतरंज प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित हो रही है।
उद्घाटन समारोह: पीढ़ियों का अनूठा संगम
प्रतियोगिता का उद्घाटन अत्यंत प्रेरणादायक रहा। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के साथ प्रतियोगिता के दो विशेष प्रतिभागियों ने भी प्रतीकात्मक चाल चलकर इस बौद्धिक महाकुंभ का आगाज किया:
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सबसे कम उम्र की प्रतिभागी: नीमच की 4 वर्षीय नन्ही सानवी गर्ग।
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सबसे वरिष्ठ प्रतिभागी: झांसी के 85 वर्षीय श्री आर.के. गुप्ता।
इन दोनों प्रतिभागियों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि शतरंज का खेल आयु का मोहताज नहीं है; यह एक ऐसा खेल है जो पीढ़ियों को जोड़ने का कार्य करता है।
कलेक्टर के प्रेरक शब्द: एकाग्रता और धैर्य का खेल
उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने शतरंज के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "शतरंज महज एक खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन और तार्किक सोच को विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।"
श्री चंद्रा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए:
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प्रशिक्षण की प्रतिबद्धता: उन्होंने आश्वासन दिया कि नीमच के खिलाड़ियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए जल्द ही शतरंज प्रशिक्षकों (Coaches) की व्यवस्था की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।
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भविष्य की योजनाएं: जिले में शतरंज के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए, आगामी महीनों में और अधिक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
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खेल भावना: उन्होंने खिलाड़ियों को जीत-हार से ऊपर उठकर खेल भावना और आत्मविश्वास के साथ खेलने का मंत्र दिया। उनके अनुसार, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच ही खिलाड़ी को उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंचाती है।
प्रतियोगिता का उद्देश्य और महत्व
जिला शतरंज संघ के पदाधिकारियों ने प्रतियोगिता के मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट किया:
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बौद्धिक विकास: शतरंज जैसे जटिल और बौद्धिक खेल को जिले में लोकप्रिय बनाना।
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राष्ट्रीय मंच: नीमच के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का मंच उपलब्ध कराना ताकि वे अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें।
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आत्मविश्वास का निर्माण: खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना।
नीमच के लिए एक नई पहचान
इस आयोजन में न केवल खिलाड़ियों ने, बल्कि उनके अभिभावकों, खेल प्रेमियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की। टाउन हॉल का माहौल पूरी तरह से बौद्धिक प्रतिस्पर्धा में डूबा हुआ था। नीमच जैसे शहर में राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिता का होना यह दर्शाता है कि यहां की युवा प्रतिभाएं अब बड़े मंचों के लिए तैयार हैं।
कलेक्टर की मौजूदगी और उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों ने शतरंज खिलाड़ियों के मनोबल को काफी ऊंचा कर दिया है। आने वाले समय में नीमच को शतरंज के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रतियोगिता एक मील का पत्थर साबित होगी। सभी प्रतिभागियों को उनकी श्रेष्ठ प्रतिभा और प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
Image Source: https://neemuch.mpinfo.org
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