बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन 'कुकरू' को पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुकरू प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम एवं वन विभाग द्वारा प्रस्तावित पर्यटन विकास की कार्ययोजना का गहन अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष निगम द्वारा एक विस्तृत पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की व्यापक रूपरेखा तय की गई है।

15 करोड़ की लागत से होगा कुकरू का कायाकल्प

प्रस्तुतीकरण के दौरान यह जानकारी साझा की गई कि कुकरू में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • ईको रिसॉर्ट और एडवेंचर गतिविधियां: पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कुकरू में आधुनिक ईको रिसॉर्ट का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का विकास किया जाएगा।

  • होम-स्टे और रोजगार: इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को सशक्त बनाना है। उन्हें 'होम-स्टे' गतिविधियों से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे न केवल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति का अनुभव मिलेगा, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

  • प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास: कुकरू के प्रमुख दर्शनीय स्थलों को चिन्हित कर उनका सौंदर्यीकरण और विकास किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

कॉफी और प्रकृति पर्यटन पर विशेष ध्यान

कुकरू अपनी अनूठी जलवायु के लिए जाना जाता है। इस संभावना को देखते हुए पर्यटन कार्ययोजना में कॉफी उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिले की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों के विकास पर बल दिया गया है:

  • ताप्ती कंजरवेशन क्षेत्र: प्रदेश के एकमात्र ताप्ती कंजरवेशन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।

  • बटरफ्लाई पार्क: जैव-विविधता के संरक्षण और पर्यटकों के आकर्षण हेतु बटरफ्लाई पार्क (तितली पार्क) के विकास की जानकारी भी प्रेजेंटेशन में दी गई।

सागौन शिल्प और नंदा हनी का प्रदर्शन

इस अवसर पर वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बैतूल जिले की विशिष्टता दर्शाते हुए उत्पाद भेंट किए गए। इनमें सागौन की लकड़ी से निर्मित हिरण की एक सुंदर कलाकृति और जिले की प्रसिद्ध 'नंदा हनी' (शहद) शामिल थी। यह प्रदर्शन जिले के वन-आधारित उत्पादों की गुणवत्ता और स्थानीय कौशल को रेखांकित करता है।

प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक और अवलोकन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए राज्य एवं क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान तथा जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री द्वारा इस कार्ययोजना का अवलोकन और दिशा-निर्देश देना कुकरू के पर्यटन क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत है। यदि यह परियोजना अपनी कार्ययोजना के अनुसार फलीभूत होती है, तो बैतूल जिला न केवल मध्य प्रदेश के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।

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