बैतूल। जिला अस्पताल में एक बार फिर इंसानियत की मिसाल देखने को मिली, जब सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही एक मासूम बच्ची के लिए समाजसेवी आगे आए और समय पर रक्तदान कर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्ची को तत्काल ओ नेगेटिव जैसे अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह की आवश्यकता थी, जिसे देखते हुए बिना देर किए नरेंद्र पवार और विजय हरोड़े ने रक्तदान कर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।

चिकित्सकों के अनुसार, सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों को नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाना आवश्यक होता है। ऐसे में सही समय पर रक्त की उपलब्धता ही उनके जीवन की सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है। इस परिस्थिति में रक्तदाताओं की तत्परता ने न केवल एक मासूम की जिंदगी बचाई, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया।

इस अवसर पर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा एवं जिला अस्पताल की रक्त कोष प्रभारी अंकिता सीते भी उपस्थित रहीं। उन्होंने रक्तदाताओं के इस सराहनीय कार्य की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे भी समय-समय पर रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद करें।

रक्त कोष प्रभारी अंकिता सीते ने बताया कि सिकल सेल से पीड़ित बच्चों को हर माह रक्त की आवश्यकता पड़ती है। कई बार दुर्लभ रक्त समूह उपलब्ध नहीं होने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में यदि समाज के लोग जागरूक होकर आगे आएं, तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा भी है।

उन्होंने आगे कहा कि “रक्तदान महादान” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सच्चाई है—क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। इस प्रकार के कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी संकल्प लिया कि वे भविष्य में ऐसे सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तैयार रहेंगे।