मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। भारी नुकसान और बेमौसम मार झेल रहे अन्नदाताओं की सुध लेने के लिए सोमवार, 1 जून 2026 को स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। बुरहानपुर की विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस एवं कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा किया और खेतों में जाकर सीधे फसलों की बर्बादी का जायजा लिया।
निरीक्षण का विवरण: खेतों तक पहुँचा प्रशासन
प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का जमीनी हकीकत जानने के लिए विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस और कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने ग्राम चापोरा, खामनी और धामनगांव सहित कई प्रभावित गांवों का दौरा किया। खेतों में जाकर उन्होंने फसल क्षति को अपनी आंखों से देखा। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद किया और आपदा के कारण उन्हें किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, इसके बारे में विस्तार से चर्चा की।
सर्वे कार्य में पारदर्शिता और गति के निर्देश
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने इस दौरान राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फसल क्षति का सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रीमती चिटनिस ने इस बात पर जोर दिया कि सर्वे कार्य को त्वरित गति से संपादित किया जाए, ताकि शासन द्वारा मिलने वाली राहत राशि किसानों तक जल्द से जल्द पहुंच सके। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पीड़ित किसान मदद से वंचित न रहे।
आरबीसी 6-4 के तहत सहायता का आश्वासन
बुरहानपुर के कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने निरीक्षण के दौरान किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें उनकी फसलों के नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्र के किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र किसान की पहचान की जाए और उन्हें शासन की राहत योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए।
सर्वे कार्य में बरती जाए विशेष सावधानी
कलेक्टर श्री सिंह ने सर्वे दल को निर्देशित किया कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों की संख्या और उनके नुकसान का सही आकलन ही उन्हें उचित राहत दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। बुरहानपुर जिला प्रशासन ने इस आपदा को गंभीरता से लेते हुए पूरी टीम को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसानों के दुख को कम किया जा सके।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। किसानों के साथ-साथ जिला प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर श्री सृजन श्रीवास्तव सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। सभी ने संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना किया और स्थिति की गंभीरता को समझा।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
बुरहानपुर जिले के किसानों के लिए प्रशासन का यह दौरा एक बड़ी राहत की उम्मीद लेकर आया है। जहां एक ओर प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत की कमाई छीन ली थी, वहीं अब उन्हें शासन द्वारा मिलने वाली आर्थिक मदद से पुनः खेती की ओर लौटने का सहारा मिलेगा। किसानों ने प्रशासन की त्वरित कार्यवाही की सराहना की है और आशा व्यक्त की है कि सर्वे के बाद राहत वितरण की प्रक्रिया भी इसी तेजी के साथ पूरी की जाएगी।
निष्कर्ष
बुरहानपुर जिले में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन की यह तत्परता सराहनीय है। विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस और कलेक्टर श्री हर्ष सिंह का खेतों तक पहुंचकर किसानों की पीड़ा सुनना यह दर्शाता है कि सरकार संकट की इस घड़ी में अन्नदाता के साथ खड़ी है। पारदर्शिता के साथ सर्वे और समयबद्ध मुआवजे का आश्वासन किसानों के लिए बड़ा संबल है। उम्मीद है कि प्रशासन के इन निर्देशों का पालन करते हुए जल्द ही प्रभावितों को राहत की राशि प्राप्त हो जाएगी और वे पुनः अपने खेतों में रौनक लाने में सफल होंगे।
image source : chatgpt

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