भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने शनिवार को छतरपुर जिले का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं विकासोन्मुखी प्रवास किया। इस विशेष प्रवास के दौरान उन्होंने नौगांव नगर में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया। केंद्रीय मंत्री ने नौगांव पॉलिटेक्निक कैंपस का सघन और विस्तृत निरीक्षण किया, जहां आगामी समय में नया केंद्रीय विद्यालय संचालित होने जा रहा है। भारत सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से छतरपुर जिले के विद्यार्थियों को उत्तम, संस्कारयुक्त और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए इस विद्यालय की स्थापना की जा रही है। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के शुभारंभ से पूर्व वहां की सभी आवश्यक व्यवस्थाओं, आधारभूत संरचना और बच्चों की सुविधाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेना था।
नीचे इस महत्वपूर्ण निरीक्षण, विद्यालय के आगामी संचालन, और केंद्रीय मंत्री द्वारा समाज को दिए गए विशेष संदेश के सभी प्रमुख बिंदुओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है:
1. कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक शिक्षा का शुभारंभ
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केंद्रीय मंत्री द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया है कि इस नए केंद्रीय विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां अत्यंत शीघ्र शुरू होने वाली हैं।
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तय कार्यक्रम और रूपरेखा के अनुसार, आगामी 15 जून 2026 से नौगांव पॉलिटेक्निक कैंपस के इस अस्थाई भवन में विद्यालय की नियमित कक्षाएं विधिवत रूप से प्रारंभ हो जाएंगी।
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वर्तमान में, प्रारंभिक चरण को ध्यान में रखते हुए इस विद्यालय में केवल कक्षा एक (Class 1) से लेकर कक्षा पांच (Class 5) तक के विद्यार्थियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
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प्राथमिक शिक्षा पर यह विशेष ध्यान इसलिए केंद्रित किया गया है ताकि छोटे बच्चों की शिक्षा की नींव को मजबूत किया जा सके और उन्हें शुरुआत से ही केंद्रीय विद्यालय के उच्च शैक्षणिक मानकों के अनुरूप ढाला जा सके।
2. प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश
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विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
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अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आगामी 1 जून से केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के निर्धारित नियमों, मापदंडों और पारदर्शी प्रक्रियाओं के अनुसार विद्यार्थियों के प्रवेश का कार्य प्रारंभ करा दिया जाए।
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1 जून से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से अभिभावकों को पर्याप्त समय मिल सकेगा, जिससे 15 जून 2026 तक सभी कागजी कार्य पूर्ण हो जाएं और बच्चे बिना किसी विलंब के अपनी कक्षाएं लेना शुरू कर सकें।
3. बुनियादी सुविधाओं की बहाली हेतु 15 दिन का सख्त अल्टीमेटम चूंकि यह विद्यालय नौगांव पॉलिटेक्निक कैंपस के भवन में अस्थाई रूप से संचालित होने जा रहा है, इसलिए छोटे बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए भवन का उपयुक्त होना अत्यंत आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए डॉ. वीरेंद्र कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभाग को निम्नलिखित सुधार कार्य मात्र 15 दिन के भीतर पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं:
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साफ-सफाई की व्यवस्था: पूरे भवन परिसर, कक्षाओं और प्रांगण में उच्च स्तर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चों को एक स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिल सके।
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पुताई एवं रंग-रौगन: भवन को एक विद्यालय का आकर्षक और सकारात्मक स्वरूप देने के लिए इसकी पुताई और आवश्यक मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
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बिजली फिटिंग: छोटे बच्चों की कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी और पंखों की व्यवस्था के लिए संपूर्ण भवन की बिजली फिटिंग की बारीकी से जांच करने और उसे दुरुस्त करने को कहा गया है।
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पेयजल व्यवस्था: गर्मी के मौसम और बच्चों की बुनियादी जरूरतों को देखते हुए शुद्ध पेयजल की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
4. छतरपुर लोकसभा क्षेत्र और नौगांव के लिए एक ऐतिहासिक सौगात
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निरीक्षण के दौरान उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि छतरपुर लोकसभा क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में यह नया केंद्रीय विद्यालय एक बहुत बड़ी सौगात और मील का पत्थर है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि नौगांव नगर और इसके आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों के लिए यह विद्यालय एक वरदान साबित होगा, क्योंकि अब स्थानीय बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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यह विद्यालय आने वाले समय में युवा वर्ग और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा और क्षेत्र में बौद्धिक विकास को गति प्रदान करेगा।
5. प्रधानमंत्री और भारत सरकार के अद्भुत सहयोग की सराहना
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केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार के शिक्षा विभाग सहित अन्य सभी संबंधित मंत्रालयों के मंत्रीगणों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
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उन्होंने रेखांकित किया कि छतरपुर लोकसभा क्षेत्र में हो रहे इस अभूतपूर्व विकास के पीछे केंद्र सरकार का निरंतर और अद्भुत सहयोग रहा है।
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सरकार की यह स्पष्ट नीति है कि देश के हर कोने में, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शिक्षा की अधिक आवश्यकता है, वहां उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए जाएं।
6. अस्थाई भवन से लेकर नवीन और भव्य स्थाई कैंपस तक की योजना
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डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्थानीय नागरिकों को जानकारी देते हुए बताया कि यद्यपि यह केंद्रीय विद्यालय अभी नौगांव पॉलिटेक्निक कैंपस के भवन में केवल अस्थाई तौर पर संचालित किया जा रहा है, लेकिन इसका स्थाई समाधान भी सुनिश्चित कर लिया गया है।
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विद्यालय के नवीन और भव्य भवन के निर्माण हेतु पहले ही भूमि का आवंटन किया जा चुका है।
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जैसे ही आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होंगी, आवंटित भूमि पर एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक विद्यालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया अत्यंत शीघ्र शुरू कर दी जाएगी। जब तक स्थाई भवन बनकर पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक छात्रों की शिक्षा में कोई बाधा न आए, इसी उद्देश्य से यह अस्थाई व्यवस्था की गई है।
7. सादगी और राष्ट्रहित की अद्भुत मिसाल: वीआईपी काफिले का त्याग और सार्वजनिक परिवहन से यात्रा
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इस निरीक्षण दौरे का एक सबसे प्रेरक और आकर्षण का केंद्र केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार की वह सादगी रही, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हाल ही में राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने का विशेष आव्हान किया था। इस आव्हान को मात्र शब्दों तक सीमित न रखते हुए, केंद्रीय मंत्री ने इसे स्वयं के आचरण में उतार कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
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डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अपनी यात्रा के दौरान पारंपरिक वीआईपी (VIP) मंत्रियों वाले लंबी-चौड़ी गाड़ियों के काफिले को पूरी तरह से बंद कर दिया।
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उन्होंने अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा को संपन्न करने के लिए ट्रेन, ई-रिक्शा (E-Rickshaw) और आम बस जैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों का उपयोग किया।
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उनका यह कदम न केवल सादगी का प्रतीक था, बल्कि इसके माध्यम से उन्होंने अपना संकल्प भी पूरा किया। उन्होंने आम जनमानस और स्थानीय नागरिकों से भी यह भावपूर्ण अनुरोध किया कि वे भी देश हित, आर्थिक बचत और पर्यावरण की रक्षा के लिए पेट्रोल-डीजल की खपत को कम से कम करने का प्रयास करें और जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का ही उपयोग करें।
8. निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण इस महत्वपूर्ण और गहन निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति रही, जो इस परियोजना की गंभीरता को दर्शाती है। केंद्रीय मंत्री के साथ मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी मौजूद रहे:
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नमः शिवाय अरजरिया (मुख्य कार्यपालन अधिकारी - CEO, जिला पंचायत)
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कौशल सिंह (डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी - DEO)
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रमेश कोल (तहसीलदार)
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अनूप तिवारी (अध्यक्ष, नौगांव नगर पालिका)
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आर.एस. अवस्थी (मुख्य नगर पालिका अधिकारी - CMO)
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डॉ. मनीष रूसीया (प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय)
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पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह (जनप्रतिनिधि)
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संतोष गंगेले (जनप्रतिनिधि) इनके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारीगण और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस निरीक्षण कार्यक्रम में प्रमुखता से उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर विद्यालय के सफल संचालन हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
Image Source :https://chhatarpur.mpinfo.org
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