आमला। नगर पालिका द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) के आवास के लिए अलग से बोर कराए जाने का मामला सामने आने के बाद शहर में तरह तरह की चर्चाएं होने लगी है।
जिससे अब सवाल उठने लगे हुआ खास बात यह है कि संबंधित के यहाँ पहले से ही नगर पालिका की पाइपलाइन भी मौजूद है, जिससे सामान्यतः कनेक्शन देकर पानी की व्यवस्था की जाती है।
जानकारी के अनुसार, जहां सीएमओ का आवास स्थित है, वहां से नगर पालिका की पाइपलाइन गुजर रही है। ऐसे में नियमों के तहत सीधे कनेक्शन देकर जलापूर्ति की जा सकती थी, लेकिन इसके बावजूद अलग से बोर करवाया गया। इस निर्णय को लेकर नागरिकों के बीच नाराजगी और संदेह दोनों बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पहले से पाइपलाइन उपलब्ध है, तो बोर करवाने की क्या आवश्यकता थी? बोरिंग के साथ-साथ मोटर, वायरिंग और अन्य उपकरणों पर भी अतिरिक्त खर्च किया गया है, जिससे नगर पालिका के वित्तीय संसाधनों पर अनावश्यक भार बड़ा है।
कुछ लोगों का आरोप है कि इस पूरे कार्य में अनावश्यक खर्च कर कमीशनखोरी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इस संबंध में नगर पालिका प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
नागरिकों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया और इसके लिए कितना बजट व्यय किया गया।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस मुद्दे पर क्या सफाई देता है और क्या इस पूरे मामले की जांच कराई जाती है या नहीं।

Continue With Google
Comments (0)