आमला। डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय, आमला में महिला एवं बाल विकास विभाग, बैतूल के तत्वाधान में मिशन शक्ति की उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत "हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।

यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. गुलाबराव डोंगरे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मुकेश इवने ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बाल संरक्षण अधिकारी श्री विनोद इवने उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में विधि अधिकारी श्री योगेश वर्मा, वन स्टॉप सेंटर बैतूल की काउंसलर श्रीमती शिखा भौराशे एवं श्रीमती मीरा सिंह, एडीओ श्री नितिन कुमार यादव, परियोजना अधिकारी श्री निर्मल सिंह ठाकुर तथा आरक्षक श्री जितेंद्र पंवार मंचासीन रहे।

कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों ने महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।

मुख्य अतिथि श्री विनोद इवने ने कार्यशाला के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए बाल संरक्षण से संबंधित अधिकारों, विभिन्न कानूनी प्रावधानों तथा बाल कल्याण समिति की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

विधि अधिकारी श्री योगेश वर्मा ने अपने उद्बोधन में लैंगिक समानता के महत्व पर जोर देते हुए किशोर न्याय अधिनियम एवं उससे संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सशक्त माध्यम है, जिसका सही उपयोग आवश्यक है।

वन स्टॉप सेंटर बैतूल की काउंसलर श्रीमती शिखा भौराशे ने "कोमल" फिल्म के माध्यम से समाज में होने वाले लैंगिक उत्पीड़न और हिंसा के विभिन्न रूपों को समझाया। उन्होंने छात्राओं को निर्भीक होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी भी दी।

काउंसलर श्रीमती मीरा सिंह ने घरेलू हिंसा, शारीरिक, मानसिक, मौखिक एवं भावनात्मक हिंसा जैसे संवेदनशील विषयों पर प्रकाश डालते हुए पीड़ितों को कानूनी सहायता एवं शिकायत प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया।

आरक्षक श्री जितेंद्र पंवार ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय भी बताए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. मुकेश इवने ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की छात्राओं को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्य एवं शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। स्नेहा पंवार, ईशा नरवरे, पिंकी धुर्वे, रजनी मांडवे एवं माधवी झरवड़े को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राजेंद्र गिरि गोस्वामी द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. लोकेश झरवड़े ने किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, महिला एवं बाल विकास परियोजना आमला के पर्यवेक्षकगण, जिनमें प्रो. जगदीश उइके, डॉ. जगदीश पटैया, प्रो. राजा अतुलकर, डॉ. पंचम सिंह कवड़े, प्रो. निधि द्विवेदी, श्री सतीष बागड़े, श्री दीपक हाथिया, डॉ. उमेश डोंगरे, डॉ. संजय भटकर, डॉ. ज्योति दातीर, डॉ. कल्पना बारस्कर, प्रो. सारंग लाड़विकर, प्रो. अनीता मानकर, प्रो. देविका देशमुख, प्रो. आशीष सोनी, श्री दीपक करले, श्रीमती शीला दवंडे, श्रीमती अंजीरा दवंडे, श्रीमती पूजा दवंडे, श्रीमती मीनाक्षी भोपते, श्रीमती राशि साहू, श्रीमती मीरा दुंदुभी, श्री जुबैर कुरैशी, श्री भूपेंद्र चौकिकर, श्री हजारी लाल, श्री महेन्द्र सिंगड़े, श्री संजीत भारती सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।