आमला। शहर में शुक्रवार को आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष की उपेक्षा कर लोकतांत्रिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।

प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मनोज मालवे ने बयान जारी करते हुए कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष शहर के प्रथम नागरिक होते हैं और विकास कार्यों की जवाबदेही उन्हीं पर होती है। इसके बावजूद भूमिपूजन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान और स्थान नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी घटना भाजपा विधायक  के इशारे पर हुई, जिसमें नगर पालिका के सीएमओ ने भूमिका निभाई। पार्टी का कहना है कि यह केवल एक जनप्रतिनिधि का नहीं, बल्कि शहर की जनता के जनादेश का भी अपमान है।

*पुराने विवाद भी आए सामने*

कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को केवल एक घटना तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सीएमओ की कार्यशैली विवादों में रही है। जनपद चौक पर कर बकायदारों के नाम सार्वजनिक रूप से चस्पा किए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि उस समय भी कांग्रेस ने इसका विरोध दर्ज कराया था।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेन्द्र भावसार ने कहा कि सीएमओ की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और समन्वय की कमी लंबे समय से देखने को मिल रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

*जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी*

कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई जाती हैं, तो पार्टी उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

*प्रशासन की चुप्पी पर सवाल*

इस पूरे विवाद के बीच अब तक प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

*इनका कहना है*

में निजी काम की वजह से बाहर था, सीएमओ ने किसी के दबाव के ये चलते ये भूमि पूजन का कार्यक्रम रखा था।

*नितिन गडरे*

नगर पालिका अध्यक्ष आमला