आमला। शहर के जनपद चौक से पीर मंजिल चौक तक लाखों रुपये की लागत से चल रहा नाली एवं सड़क निर्माण कार्य पिछले एक माह से ठप पड़ा है। निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच के कारण काम रोक दिया गया है, जिसका सबसे बड़ा खामियाजा स्थानीय छोटे व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन और ठेकेदार के आश्वासन पर उन्होंने अपनी दुकानें हटा ली थीं, लेकिन अब निर्माण कार्य बंद होने से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार चंद्रभागा नदी से बस स्टैंड रेलवे पटरी तक डिवाइडर एवं स्ट्रीट लाइट लगाने तथा जनपद चौक से पीर मंजिल चौक तक सड़क और नाली निर्माण का कार्य रुद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कार्य प्रारंभ होने के साथ ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाए कि निर्माण एजेंसी स्वीकृत स्टीमेट और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य नहीं कर रही है। विशेष रूप से डिवाइडर निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और तकनीकी मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आई थीं।

*विधायक के हस्तक्षेप के बाद लगी रोक*

निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ने पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जांच कराने के निर्देश दिए। विधायक ने स्पष्ट किया कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके निर्देश पर जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोक दिया गया।

हालांकि इस निर्णय का प्रत्यक्ष असर उन व्यापारियों पर पड़ा है, जिनकी दुकानें निर्माण क्षेत्र में आ रही थीं और जिन्हें पहले ही हटाया जा चुका है।

*मुलताई के उपयंत्री को सौंपी गई जांच*

निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की जिम्मेदारी मुलताई के उपयंत्री योगेश आनेराव को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारी द्वारा निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निर्माण कार्य पुनः शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

*आश्वासन पर हटाईं दुकानें, अब बढ़ी चिंता*

निर्माण कार्य के दौरान जनपद चौक से पीर मंजिल चौक तक कई दुकानों को हटाने के निर्देश दिए गए थे। ठेकेदार और नगर पालिका अधिकारियों ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया था कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा और उन्हें अधिक परेशानी नहीं होगी। प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह हटा लीं, जबकि कुछ ने अस्थायी ढांचे तोड़कर अपना सामान अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया।

लेकिन निर्माण कार्य अचानक बंद हो जाने के कारण व्यापारी न तो अपना व्यवसाय संचालित कर पा रहे हैं और न ही उन्हें यह जानकारी मिल पा रही है कि कार्य दोबारा कब शुरू होगा।

*रोजी-रोटी पर संकट, प्रशासन से जल्द समाधान की मांग*

प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि दुकानें हटने के बाद उनकी आय पूरी तरह बंद हो गई है। रोज कमाकर परिवार चलाने वाले छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

व्यापारी दीपक वर्मा ने बताया कि नगर पालिका अधिकारियों के कहने पर उन्होंने अपनी दुकान हटा ली थी। अब दोबारा दुकान स्थापित करने में अतिरिक्त खर्च आएगा और व्यापार भी प्रभावित हुआ है। वहीं अजय सराठे ने कहा कि उन्हें यह भी नहीं बताया जा रहा कि निर्माण कार्य कब शुरू होगा और वे कब तक आर्थिक नुकसान सहते रहेंगे।

व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए तथा यदि निर्माण कार्य में अनियमितताएं पाई जाती हैं तो दोषियों पर कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही अधूरे पड़े निर्माण कार्य को जल्द पूरा कर व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य किया जाए।

*इनका कहना है*

"निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने के बाद कार्य को रोक दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा प्रारंभ किया जाएगा।"

*नितिन गाडरे*

*अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद आमला*