दमोह जिले में जलभराव की समस्या, स्वच्छता और नगर विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 31 मई 2026 की सुबह 7 बजे से एक सघन निरीक्षण अभियान चलाया. इस भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने सुभाष कॉलोनी समेत शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों का पैदल दौरा किया और स्थानीय निवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनसे समाधान हेतु सुझाव भी मांगे. निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम सौरभ गंधर्व, तहसीलदार रॉबिन जैन, शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी कपिल खरे और सीएमओ राजेन्द्र सिंह लोधी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.

सुभाष कॉलोनी में जलभराव से मिलेगी मुक्ति

कलेक्टर ने बताया कि सुभाष कॉलोनी में बरसात के दौरान घरों में पानी भरने की समस्या एक गंभीर विषय रही है, जिसके स्थायी समाधान के लिए यह निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में यह पाया गया कि कॉलोनी के सामने स्थित पुलिया में पानी की निकासी के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. इस समस्या के निराकरण हेतु उन्होंने एक अतिरिक्त समानांतर पाइप लाइन बिछाने के निर्देश दिए हैं, ताकि वर्षा ऋतु में जल निकासी सुचारु रूप से हो सके.

नगरपालिका के पास संसाधनों की कमी को देखते हुए, मायसेम कंपनी द्वारा एक पोकलेन मशीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे नालों की सफाई और गहरीकरण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.

स्टॉप डैम और मंडी कचरा प्रबंधन में सुधार

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बीज निगम द्वारा निर्मित स्टॉप डैम का भी अवलोकन किया. उन्होंने पाया कि स्टॉप डैम में गेट लगाने का प्रावधान था, लेकिन उसे स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे बैक वॉटर का दबाव बढ़कर बस्तियों में पानी भर रहा है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अवरोध हटाने और गेट का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

साथ ही, सागर-दमोह रोड पर मंडी द्वारा खुले में कचरा फेंके जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने निर्देश दिए कि मंडी का सारा कचरा निर्धारित डंपिंग एरिया में ही डाला जाए और वर्तमान में जमा कचरे को तत्काल हटाया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में इस प्रकार की गलत परंपराओं को समाप्त करना अनिवार्य है.

बालक छात्रावास में अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

कलेक्टर ने भ्रमण के दौरान बालक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास का निरीक्षण किया, जहां छात्रों ने बताया कि बरसात में उनके कमरों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर जाता है. इस समस्या के समाधान के लिए विधायक जयंत मलैया के सहयोग से राशि उपलब्ध कराकर समानांतर नाला निर्माण की योजना बनाई गई है.

इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने छात्रावास में पेयजल, वॉटर कूलर और भोजन व्यवस्था पर कड़े निर्देश दिए. बाहर से समोसे लाकर नाश्ता खिलाने की व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने परिसर में ही स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

सफाई व्यवस्था और परिसरों का बेहतर उपयोग

शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने हेतु कलेक्टर ने कहा कि लगभग 300 सफाई मित्रों की ड्यूटी और सुपरविजन की एक व्यवस्थित कार्य योजना तैयार की जा रही है. इससे सफाई कार्य की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी.

इसके अलावा, निरीक्षण में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

  • खेल परिसर: बंद पड़े खेल परिसर को शीघ्र ही जनहित में शुरू किया जाएगा ताकि बच्चों को खेल सुविधाएं मिल सकें.

  • नगरपालिका स्कूल: श्री खंडे स्कूल भवन में बढ़ते अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए सीएमओ को भूमि का कब्जा लेने और बाउंड्रीवाल व गेट निर्माण कराने के निर्देश दिए गए.

  • व्यावसायिक परिसर: वहां आवश्यकतानुसार दुकानें विकसित कर नगरपालिका की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया.

स्वच्छता के प्रति नागरिकों से अपील

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नागरिकों से आह्वान किया कि स्वच्छता केवल शहर की पहचान नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य, संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है. उन्होंने कचरा निर्धारित स्थानों पर डालने और नालियों व सड़कों पर गंदगी न फैलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर ही विकास के नए द्वार खोलता है.

इस भ्रमण में कलेक्टर ने बीज निगम, खैजरा मार्ग, तीन गुल्ली, स्टेशन चौराहा, एसपीएम नगर खेल परिसर और इंडोर स्टेडियम का भी जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया.

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