बैतूल: नूतन वर्ष के अवसर पर बेटियों के जन्म को उत्सव की तरह मनाने और समाज में लिंग समानता का संदेश देने के उद्देश्य से मां शारदा सहायता समिति बैतूल ने एक सराहनीय सामाजिक पहल की। इस पहल के अंतर्गत जिला चिकित्सालय में नववर्ष पर जन्म लेने वाली बेटियों को सोने और चांदी के देवी-देवताओं के लॉकेट भेंट किए गए।
समिति के संस्थापक शैलेंद्र बिहारिया ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी धीरज हिरानी थे, जिनके माध्यम से सोने के गणेश जी और चांदी के लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा एवं राधा-कृष्ण के लॉकेट नवजात बेटियों को भेंट किए गए। साथ ही माताओं को भी उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर 1 जनवरी 2026 को जिला चिकित्सालय में सबसे पहले जन्म लेने वाली सारिका पति मुकेश की बेटी को "गोल्डन गर्ल" घोषित कर सोने का गणेश जी का लॉकेट भेंट किया गया। अन्य 14 नवजात बेटियों को "सिल्वर गर्ल" का खिताब देते हुए चांदी के लॉकेट और माताओं को उपहार दिए गए।
कार्यक्रम में समिति के जिला संयोजक संजय शुक्ला, मुकेश गुप्ता, महिला अध्यक्ष श्रीमती हेमा सिंह चौहान, पिंकी भाटिया, हिमांशु सोनी समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस विशेष अवसर पर सिकल सेल पीड़ित बच्चों को फुटबॉल और ड्राई फूड वितरित किया गया और रक्तदान भी किया गया। धीरज हिरानी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
शैलेंद्र बिहारिया ने जिले में लिंगानुपात सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया और भावुक पंक्तियों के माध्यम से बेटियों के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में डॉक्टर रानू वर्मा, डॉक्टर रूपल श्रीवास्तव, डॉक्टर भावना कवड़कर और काउंसलर शिल्पा वर्मा का सम्मान किया गया। साक्षी शर्मा ने "बेटी बचाओ" पर गीत प्रस्तुत किया। अंत में शैलेंद्र बिहारिया ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
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