बैतूल: बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की संवेदनशील पहल के तहत बौद्धिक अक्षम बालिकाओं के लिए बैतूल में सशक्त सुरक्षा पैड बैंक की शुरुआत की गई है। इस नेक पहल से कायस्थ समाज की महिलाओं का किटी ग्रुप जुड़ा है, जो इन बालिकाओं के मासिक धर्म के दिनों में अतिरिक्त सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करता है।

मासिक धर्म बौद्धिक अक्षम बालिकाओं के लिए सामान्य युवतियों की तुलना में अधिक कठिन होता है, क्योंकि वे अपनी देखभाल स्वयं नहीं कर सकतीं। इस स्थिति में उनका अतिरिक्त ध्यान रखना आवश्यक है।

महावीर वार्ड में स्थित नवदीप डे सेंटर में बौद्धिक अक्षम बालिकाओं के लिए इस पैड बैंक की स्थापना की गई है। इस अवसर पर किटी ग्रुप ने बच्चों को गर्म कपड़े, स्टेशनरी और चॉकलेट भी वितरित की, जिसे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

समाजसेवियों की उपस्थिति:

  • कायस्थ महिला किटी ग्रुप की अध्यक्ष एड. नीरजा श्रीवास्तव
  • अनिता वर्मा
  • मीनल बलबापुरी
  • संचिता सक्सेना
  • माधुरी श्रीवास्तव
  • विमिता खासकलम
  • बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम
  • नवदीप डे सेंटर की अधीक्षिका एलिजा बेथ लाल

महत्वपूर्ण संदेश: इस मौके पर नीरजा श्रीवास्तव ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान बालिकाओं को शारीरिक पीड़ा होती है, जो मानसिक रूप से बाधित बच्चों के लिए और भी कष्टदायक होती है। ऐसे में उनका विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।

गौरी बालापुरे पदम ने बताया कि यह पैड बैंक एक संवेदनशील कदम है, जो समाज में मासिक धर्म से संबंधित भ्रांतियों पर खुली चर्चा को प्रोत्साहित कर रहा है।

उपसंहार: इस पहल से जुड़कर अन्य संगठन भी जन्मदिन, वर्षगांठ और विशेष अवसरों पर पैड बैंक की सौगात देकर इस मुहिम का समर्थन कर रहे हैं। यह पहल बौद्धिक रूप से अक्षम बालिकाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है और समाज में जागरूकता फैलाने का काम कर रही है।