फार्मर रजिस्ट्री व राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश

31 मार्च से पहले योजनाओं के लक्ष्य पूरे करने के निर्देश, पेयजल और जैविक खेती पर भी जोर

नर्मदापुरम

नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं और लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आरसीएमएस पोर्टल पर राजस्व प्रकरणों के पंजीयन के बाद भी उनके निराकरण में अपेक्षित तेजी नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की और सभी कलेक्टरों को फार्मर रजिस्ट्री सहित सीमांकन, बटवारा, अभिलेख दुरुस्तीकरण, रास्ता विवाद तथा एग्री स्टेक जैसे राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने साइबर तहसील के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों का अधिकतम 10 दिन की समय-सीमा में निराकरण करने तथा पटवारी प्रतिवेदन समय से प्राप्त कर किसी भी स्थिति में प्रकरण लंबित न रहने के निर्देश दिए। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर योजना, संत रविदास योजना, भगवान बिरसा मुंडा योजना और टंट्या मामा योजना के अंतर्गत युवाओं के स्वरोजगार से जुड़े बैंक प्रकरणों का लगातार फॉलोअप कर उन्हें प्राथमिकता से स्वीकृत कराने तथा स्वीकृत राशि का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों की पूर्ति 31 मार्च से पूर्व सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उद्यानिकी विभाग की पीएफएमई योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने संबंधित विभागों को स्वरोजगार से जुड़े प्रकरणों में बैंक से शीघ्र स्वीकृति दिलाने के निर्देश दिए।
आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए कमिश्नर ने शहरी, ग्रामीण और वन क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। बंद या खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें जल उपलब्धता की स्थिति में लाने तथा गर्मी के दौरान पेयजल संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कृषि विभाग को नरवाई जलाने की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर खेत पाठशाला और कृषक संगोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्नत तकनीकों की जानकारी देकर किसानों को प्रोत्साहित करने तथा प्रत्येक जिले से 100 ऐसे किसानों का चयन करने को कहा जो जैविक खेती के लिए इच्छुक हों। इन किसानों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कर जैविक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से जैविक हाट लगाने, खाद वितरण व्यवस्था सुचारू रखने, उद्यानिकी फसलों के लिए क्लस्टर आधारित उद्यान विकसित करने, आवारा एवं निराश्रित गोवंश के लिए गौशालाओं की संख्या बढ़ाने तथा कामधेनु योजना के लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश भी दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर सोनिया मीना, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ऑनलाइन शामिल हुए। वहीं संयुक्त आयुक्त विकास नवल मीना, उपायुक्त विकास डी.एन. पटेल, संभागीय सलाहकार आरसीएमएस भूपेंद्र गुर्जर, उपायुक्त जनजाति कार्य विभाग सुनील मित्रा सहित अन्य संभागीय अधिकारी ऑफलाइन उपस्थित रहे।