उचेहरा जनपद: पठारी अंचल के परसमनिया, तुषगवां, पटिहट, पिपरिया, आलमपुर, गढोत, अटरा, पोंडी सहित अन्य निचले गांवों में पिछले दो महीनों से खाद्यान वितरण में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे हितग्राही अत्यधिक परेशान हैं। फरवरी माह का खाद्यान वितरण अब तक नहीं हो पाया है।

इस समस्या के पीछे सेल्समैन और खाद्यान विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों पर अलग-अलग पक्ष रख रहे हैं। हकीकत तो केवल जांच के बाद ही सामने आएगी। खाद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोटेदार जांच के डर से ऐसे हालात निर्मित कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों को समस्या की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है, लेकिन फिलहाल जरूरतमंद हितग्राही घुन की तरह पिस रहे हैं।

सेल्समैन की सफाई

परसमनिया के सेल्समैन ने जिला कलेक्टर को लिखित में सूचित किया है कि दिसंबर और जनवरी का खाद्यान शासन से प्राप्त न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। पूर्व में अन्य समिति द्वारा चार्ज में शेष स्टॉक का चार्ज नहीं दिया गया था।

खाद्यान वितरण से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जब पीओएस मशीन और उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया था, तब सत्यापन सही ढंग से नहीं हुआ था। इसके परिणामस्वरूप मशीन में स्टॉक रह गया और आवंटन तीन माह से प्राप्त नहीं हो रहा है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

JSO धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सेल्समैन और कोटेदार द्वारा दी गई सफाई बेबुनियाद है। पहले हुई जांच में प्रकरण बन चुका है और यदि वे कमी की भरपाई नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ वसूली होनी चाहिए।

निष्कर्ष

गांव की गरीब जनता शासन की योजनाओं से वंचित हो रही है। यह प्रश्न अब भी अनुत्तरित है कि हितग्राहियों को उनका हक कब तक मिलेगा।