रबी सीजन: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए MSP पर फसल बेचने का सुनहरा मौका

मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली सहित पूरे प्रदेश में किसानों के लिए रबी सीजन की फसलों को सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने का महत्वपूर्ण अवसर आ गया है। चना और मसूर की खरीदी के लिए किसानों को 16 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य है।

ई-उपार्जन पोर्टल पर अनिवार्य पंजीयन

भारत सरकार की मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। बिना पंजीयन के किसान सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीयन सुनिश्चित करें।

इस साल की खासियत: ओटीपी सत्यापन की आवश्यकता खत्म

इस वर्ष पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ओटीपी सत्यापन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। यह निर्णय उन किसानों की सुविधा के लिए लिया गया है जिन्हें नेटवर्क की समस्या या मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण सत्यापन में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब बायोमेट्रिक या अन्य वैकल्पिक माध्यमों से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज और स्थान

  • ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित सुविधा केंद्र
  • जनपद पंचायत या तहसील कार्यालय
  • सहकारी समितियां और विपणन संस्थाएं
  • एमपी ऑनलाइन (MP Online) या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

जरूरी दस्तावेज:

  • आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना बेहतर)
  • भूमि संबंधी दस्तावेज (खसरा/खतौनी की नकल)
  • बैंक पासबुक की छायाप्रति (जिसमें आधार सीडिंग अनिवार्य हो)

किसानों के लिए विशेष निर्देश

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं किसानों की उपज खरीदी जाएगी जिनका पंजीयन निर्धारित समय सीमा यानी 16 मार्च तक पूर्ण हो जाएगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पंजीयन के समय अपने रकबे और बैंक खाते की जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें ताकि भुगतान के समय किसी भी प्रकार की विसंगति न हो।

इस पहल के माध्यम से सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी किसानों से अनुरोध है कि वे समय पर पंजीयन कर अपनी उपज का लाभ उठाएं।