आमला।। शहर में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उस समय बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब नर्मदापुरम संभाग के कार्यपालन यंत्री सचिन कड़ू ने शनिवार शाम करीब 6 बजे औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन कार्यों की हकीकत सामने ला दी। उन्होंने वाटर बॉडी सहित नगर पालिका कार्यालय भवन का गहन निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर तकनीकी खामियां उजागर हुईं।

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली लापरवाही नगर पालिका कार्यालय भवन में सामने आई। कार्यपालन यंत्री ने पाया कि भवन के कॉलम (स्तंभ) तिरछे बनाए गए हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की त्रुटि भविष्य में भवन की मजबूती को कमजोर कर सकती है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

इसके अलावा निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी भी सामने आई। सामग्री की गुणवत्ता से लेकर निर्माण प्रक्रिया तक कई स्तरों पर लापरवाही स्पष्ट दिखाई दी, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

कार्यपालन यंत्री सचिन कड़ू ने मौके पर ही अधिकारियों और ठेकेदार को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए और नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त आदेश जारी किए।

निरीक्षण के दौरान एक और बड़ी खामी सामने आई, जहां निर्माण स्थल पर स्थापित लैब, जो गुणवत्ता परीक्षण के लिए बनाई गई थी, उसे स्टोर रूम के रूप में उपयोग किया जा रहा था। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने तत्काल व्यवस्था सुधारने और लैब को उसके वास्तविक उद्देश्य के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए।

गौरतलब है कि वार्ड क्रमांक 01 में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से नगर पालिका कार्यालय भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो नगर प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसे में निर्माण कार्य में सामने आई लापरवाही न केवल शासन की योजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है।निरीक्षण के दौरान नपा उपयंत्री सुभाष शर्मा, मनोज अग्रवाल, टाइमकीपर गणेश हारोड़े सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।