मुंगावली- करीलाधाम: देश का एकमात्र मंदिर जहां सीता माता अपने पुत्रों के साथ विराजमान

लव-कुश की जन्मस्थली करीला धाम, अशोकनगर जिले को 115.35 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

अशोकनगर जिले के करीलाधाम में आयोजित रंगपंचमी मेला महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि करीला धाम श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्वितीय संगम है, जहां माता सीता अपने दोनों पुत्र लव-कुश के साथ विराजमान हैं। यह देश का एकमात्र मंदिर है, जहां माता सीता की पूजा उनके पुत्रों के साथ होती है।

मुख्यमंत्री ने इस पवित्र स्थल के विकास की योजना की घोषणा करते हुए जिले को 115.35 करोड़ रुपए के 50 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 57 करोड़ 3 लाख की लागत के 11 कार्यों का लोकार्पण और 58 करोड़ 32 लाख की लागत के 39 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।

मातृशक्ति का गौरव और सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता सीता धैर्य, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार राम वन गमन पथ विकसित कर रही है, जिससे भगवान श्रीराम के चरण पड़े स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया और लाड़ली बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपए की राशि प्रदान करने की बात कही।

पूजा-अर्चना और होली का उल्लास

मुख्यमंत्री ने करीला धाम के जानकी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली खेली। उन्होंने करीला धाम के संपूर्ण विकास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।

महिला सम्मान समारोह

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सात महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें शिक्षा, धार्मिक, खेल, पर्यावरण, स्वयंसिद्धा, स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाएं शामिल थीं।

कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

समापन: करीला धाम में विराजमान माता सीता और उनके पुत्रों की पूजा-अर्चना ने इस स्थल को एक विशिष्ट धार्मिक स्थान बना दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इस क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा, जिससे श्रद्धालुओं को और भी सुविधाएं मिल सकेंगी।