प्रस्तावना: कटनी में नेशनल लोक अदालत की सुगबुगाहट और प्रशासनिक तैयारियां भारतीय न्याय व्यवस्था में त्वरित, सुलभ और आपसी समझौते के आधार पर न्याय प्रदान करने के लिए नेशनल लोक अदालत का आयोजन एक अत्यंत प्रभावी माध्यम साबित हुआ है। इसके माध्यम से न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने के साथ-साथ आम नागरिकों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं और अदालती चक्करों से राहत दिलाई जाती है। इसी दिशा में आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर मध्य प्रदेश के कटनी जिले में प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर तैयारियां अभी से तेज कर दी गई हैं। लोक अदालत को अधिक से अधिक सफल बनाने और विद्युत अधिनियम से जुड़े मामलों का समय पर और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कटनी जिले में लगातार बैठकों का दौर जारी है। इसी सिलसिले में बुधवार को कटनी जिला मुख्यालय स्थित जिला न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए।

जिला न्यायालय कटनी के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुई महत्वपूर्ण बैठक कटनी जिले में आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की रूपरेखा तैयार करने और उसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई यह समीक्षा बैठक बुधवार को संपन्न हुई। बैठक के लिए जिला न्यायालय कटनी के कॉन्फ्रेंस हॉल को चुना गया था, जहां विद्युत विभाग के तमाम प्रमुख अधिकारी और न्यायिक अधिकारी एक मंच पर एकत्र हुए। इस बैठक का मुख्य एजेंडा विद्युत अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न न्यायालयों में लंबे समय से लंबित पड़े प्रकरणों का शीघ्र, सुगम और प्रभावी तरीके से निपटारा करना था। बैठक के दौरान अधिकारियों ने आपसी समन्वय स्थापित करने और पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को समझौते के रास्ते पर लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन पूरी तरह से उच्च न्यायालय और राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया। प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पूरी बैठक मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के स्पष्ट निर्देशों के तहत और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी श्री जितेंद्र कुमार शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि कटनी जिले में हर बार लोक अदालत के माध्यम से हजारों मामलों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटारा होता है। इस बार भी उनका यही प्रयास है कि विद्युत चोरी, बिल बकाया या अन्य शमनीय मामलों से जूझ रहे उपभोक्ताओं को लोक अदालत के जरिए अधिक से अधिक राहत पहुंचाई जा सके, ताकि वे कानूनी उलझनों से मुक्त हो सकें।

जिला न्यायाधीश, विद्युत न्यायालय कटनी श्री गोपेश गर्ग की अध्यक्षता कटनी के जिला न्यायालय कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जिला न्यायाधीश, विद्युत न्यायालय कटनी श्री गोपेश गर्ग द्वारा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री गोपेश गर्ग ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ एक-एक बिंदु पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत शासन और न्यायपालिका की एक ऐसी पहल है, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। बैठक के दौरान उन्होंने विद्युत अधिनियम के मामलों में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों की समीक्षा की और उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी तन्मयता के साथ अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं ताकि आगामी 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में कटनी जिला एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सके।

शमनीय एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर बैठक के दौरान सबसे अधिक जोर इस बात पर दिया गया कि विद्युत अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामलों में से शमनीय (कम्पाउंडेबल) प्रकृति के मामलों और प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। विद्युत न्यायालय के न्यायाधीश श्री गोपेश गर्ग और अन्य अधिकारियों ने चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की सूची तैयार की जाए जिनमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से समझौता करने के लिए तैयार हो सकते हैं। इसके अलावा, जो मामले अभी तक न्यायालय तक नहीं पहुंचे हैं, उन्हें प्री-लिटिगेशन स्टेज पर ही सुलझाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। संबंधित पक्षकारों को समय पर और सही पते पर नोटिस जारी करने की व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश भी विद्युत विभाग को दिए गए ताकि कोई भी पक्षकार सूचना के अभाव में इस सुनहरे अवसर से वंचित न रह जाए।

न्यायालय और विद्युत विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश किसी भी लोक अदालत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित विभाग और न्यायपालिका के बीच तालमेल कितना मजबूत है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बैठक में न्यायालय और विद्युत विभाग के बीच आपसी समन्वय को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी संवाद को निरंतर बनाए रखें ताकि मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की कागजी या तकनीकी रुकावट न आए। उपभोक्ताओं की सुविधा और सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क (Help Desk) संचालित करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि लोक अदालत के दिन या उससे पहले कटनी के बिजली उपभोक्ताओं को अपने बिल, समझौते की राशि और अन्य प्रक्रियाओं की सही जानकारी आसानी से मिल सके और वे बिना किसी परेशानी के अपने मामलों का निपटारा करा सकें।

प्रकरणों की सूची शीघ्र तैयार करने के निर्देश: सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व्यवहार न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी श्रीमती मृणालिनी सिंह ने बैठक में विशेष रूप से भाग लिया और विद्युत विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट प्रशासनिक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय प्रबंधन किसी भी बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी होता है, इसलिए विद्युत विभाग के अधिकारी बिना किसी विलंब के चिन्हित किए गए सभी प्रकरणों की सूची अतिशीघ्र तैयार करें। यह सूची तैयार करने के बाद संबंधित पीठासीन अधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कटनी के कार्यालय को समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि समय रहते सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें और नेशनल लोक अदालत के दिन अधिकाधिक मामलों का सुगमता से निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

आम नागरिकों से नेशनल लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील कटनी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती मृणालिनी सिंह ने बैठक के माध्यम से कटनी जिले के समस्त आम नागरिकों और बिजली उपभोक्ताओं से एक अत्यंत महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों के विद्युत मामलों से संबंधित प्रकरण वर्तमान में न्यायालयों में लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें अदालतों के चक्कर काटने के बजाय आपसी समझौते और राजीनामे के आधार पर आगामी 12 सितंबर की नेशनल लोक अदालत में उनका निराकरण करा लेना चाहिए। आपसी समझौते से मामलों का निपटारा होने से दोनों पक्षों का समय, धन और मानसिक तनाव बचता है तथा समाज में आपसी सौहार्द भी बना रहता है।

प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया के माध्यम से समाधान का आह्वान श्रीमती मृणालिनी सिंह ने उन नागरिकों के लिए भी मार्ग दर्शन दिया जिनके छोटे-मोटे विवाद या बिजली बिल संबंधी समस्याएं अभी तक न्यायालयों तक नहीं पहुंची हैं। उन्होंने ऐसे सभी उपभोक्ताओं से आह्वान किया कि वे संबंधित विद्युत विभाग या कार्यालय से सीधे संपर्क करें और प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया के माध्यम से भी अपने मामलों का समय पूर्व समाधान करा लें। प्री-लिटिगेशन मंच एक ऐसा माध्यम है जहां बिना किसी औपचारिक मुकदमेबाजी के शुरुआती स्तर पर ही मामलों का निपटारा कर दिया जाता है। उन्होंने इच्छुक पक्षकारों से आग्रह किया कि वे संबंधित न्यायालय, विद्युत विभाग के कार्यालय अथवा सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कटनी के कार्यालय में पहुंचकर संपर्क करें और इस राष्ट्रीय लोक अदालत का भरपूर लाभ उठाएं।

निष्कर्ष: कटनी में न्याय और सुगमता की ओर एक और कदम आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को लेकर कटनी जिले में जिस प्रकार से न्यायिक अधिकारियों और विद्युत विभाग ने मिलकर कार्ययोजना तैयार की है, उससे यह स्पष्ट है कि इस बार का आयोजन बेहद सफल रहने वाला है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन, जिला न्यायाधीश श्री गोपेश गर्ग की अध्यक्षता और सचिव श्रीमती मृणालिनी सिंह के सक्रिय प्रयासों से कटनी में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है। यदि कटनी के आम नागरिक और बिजली उपभोक्ता इस पहल का खुलकर स्वागत करते हैं और आगे बढ़कर अपने मामलों का राजीनामे से निपटारा कराते हैं, तो निश्चित रूप से यह लोक अदालत कटनी जिले के न्यायिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

Image Source : https://katni.mpinfo.org