केसली तहसील में नागरिकों का विरोध, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में स्थानीय नागरिकों और किसान प्रतिनिधियों ने स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन केसली तहसीलदार को सौंपा है। इस ज्ञापन में विशेषतः केसली के ऐतिहासिक पशु बाजार के संरक्षण, किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध शामिल है।

सैकड़ों साल पुराने पशु बाजार का अस्तित्व खतरे में

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि केसली का पशु बाजार न केवल क्षेत्रीय पहचान है, बल्कि आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था का मुख्य केंद्र भी है।

  • समस्या: जिस जमीन पर यह ऐतिहासिक बाजार लगता है, वहाँ नए जनपद पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है।
  • माँग: स्थानीय लोगों का कहना है कि इस निर्माण से बाजार खत्म हो जाएगा। अतः इस पर तत्काल रोक लगाई जाए और भवन के लिए अन्य स्थान का चयन किया जाए।

किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता की माँग

ज्ञापन में किसानों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि इस समय किसान खाद और बीज के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

"बुवाई और फसल की देखभाल के समय खाद न मिलना किसानों के साथ अन्याय है। प्रशासन को इस संकट का तुरंत समाधान करना चाहिए।"

जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध

राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन में जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की निंदा की गई है। प्रतिनिधियों ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन पर विरोध जताया और न्याय की माँग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख जनप्रतिनिधि, समाज सेवी और बड़ी संख्या में नगरजन उपस्थित रहे। अनिरुद्ध सिंह, संजय बृजपुरिया, ओमप्रकाश सिंह राजपूत, डॉ वीरेंद्र लोधी, अनवर खान, अखलेश जैन, राजेश सिंह, अरविंद लोधी, गोवर्धन तिवारी, अर्चना अहिरवार, अफजल खान, अर्पित यादव, पलटू यादव, पंकज राय ,भूरे सरपंच, जंगबहादुर ,सतीश लोधी, पुष्पेंद ठाकुर, कृष्ण उपाध्याय ,सत्यम प्रजापति, दीप्तिमणि चौबे शामिल रहे। सभी ने चेतावनी दी कि यदि इन माँगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।