मध्य प्रदेश के सागर जिले में पेयजल संकट: ग्रामीणों का प्रदर्शन, चक्का जाम
केसली (सागर) - मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली विकासखंड के ग्राम पठाखुर्द में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। प्रशासन की उदासीनता और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से नाराज ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण घंटों तक मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जलाशय निर्माण की धीमी गति से ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 2022 में जलाशय निर्माण कार्य शुरू किया गया था। नियमानुसार इस परियोजना को 18 महीने में पूरा होना था, लेकिन ठेकेदार और विभाग की लापरवाही के कारण 2026 आधा बीतने के बाद भी यह अधूरा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलाशय समय पर बन जाता, तो आज उन्हें भीषण जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
गांव के पारंपरिक जल स्रोत सूख चुके हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। बार-बार प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने चक्का जाम जैसा सख्त कदम उठाया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अधूरे जलाशय का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए और नियमित रूप से पानी की व्यवस्था की जाए।
पूर्व मंत्री हर्ष यादव का समर्थन, भाजपा सरकार पर निशाना
विपक्षी दल कांग्रेस ने भी प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पानी की समस्या के समाधान के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने वर्तमान सरकार पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया और जलाशय निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलाशय का काम पूरा नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र हो जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।
ग्रामीणों के इस आंदोलन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अब समय आ गया है कि जल संकट का स्थायी समाधान निकाला जाए। करीब 10 घंटे चला चक्काजाम जल्द कार्य पूर्ण कराने के प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।

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