केसली (सागर)- सागर जिले के जनपद मुख्यालय केसली के वार्ड क्रमांक 16 में चल रहे विकास कार्यों पर अब स्थानीय निवासियों ने उंगली उठानी शुरू कर दी है। बुद्धू बंसल के घर से द्वारका साहू के घर की ओर बनाई जा रही लगभग 70 फीट लंबी सीसी सड़क के निर्माण में विभिन्न आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि निर्माण कार्य कहीं "खानापूर्ति" कर निपटाया तो नहीं जा रहा ?
क्या है पूरा मामला?
वार्ड क्रमांक 16 में निर्माणाधीन इस सीसी सड़क को लेकर पिछले कुछ असंतोष है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तकनीकी प्रक्रिया मानकों के अनुरूप नहीं है।
"सड़क का काम देखकर ऐसा लगता है मानो इसे जल्दबाजी में निपटाया जा रहा है। विकास कार्यों में पारदर्शिता होनी चाहिए, लेकिन यहाँ केवल टालमटोल वाला रवैया अपनाया जा रहा है।"— स्थानीय निवासी
मुख्य आरोप और शिकायतें:
पारदर्शिता की कमी: निर्माण कार्य से जुड़ी जानकारी और तकनीकी मापदंडों को लेकर स्थानीय लोगों को अंधेरे में रखा जा रहा है।
टालमटोल का रवैया: अधिकारियों और ठेकेदारों पर यह आरोप लगाया गया है कि शिकायतों के बावजूद शुरुआती स्तर पर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया: मंगलवार को होगा मौका मुआयना
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी अब हरकत में आए हैं। जनपद पंचायत के सहायक यंत्री अनिल पाठक ने इस संबंध में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पाठक के अनुसार:
मंगलवार को निरीक्षण: वे स्वयं अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचकर सड़क की मोटाई, सामग्री और फिनिशिंग की जाँच करेंगे।
सुधारात्मक कदम: यदि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या तकनीकी त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी को उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे।
जवाबदेही: सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।
विकास कार्यों में गुणवत्ता की आवश्यकता
ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी सड़कों का निर्माण आवाजाही को सुगम बनाने के लिए किया जाता है, केसली के निवासियों की यह मांग जायज है कि जनता के पैसे से होने वाले काम टिकाऊ और पारदर्शी होने चाहिए।
अब सबकी नज़रें मंगलवार को होने वाले निरीक्षण पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और सड़क को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जाता है या नहीं?

Continue With Google
Comments (0)