भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किए जाने वाले 'पद्म पुरस्कार' देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं। ये पुरस्कार उन असाधारण व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान, इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया हो। वर्ष 2027 के लिए इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के नामांकन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। खंडवा जिले में भी इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने इस संबंध में जिले के सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस गौरवपूर्ण सम्मान से वंचित न रहे।

नामांकन प्रक्रिया का महत्व और उद्देश्य

पद्म पुरस्कारों का उद्देश्य उन गुमनाम नायकों और सेवाभावी व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाना है, जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज और राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है। खंडवा जिला प्रशासन ने इस बार इस प्रक्रिया को अत्यधिक पारदर्शी और सरल बनाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर श्री मृणाल मीना द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिले के सभी प्रमुख विभागों, पुलिस प्रशासन, समस्त अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) और स्थानीय निकायों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे व्यक्तियों की पहचान करें, जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशिष्ट कार्य किया हो।

यह नामांकन प्रक्रिया न केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता है, बल्कि उन लोगों को सम्मानित करने का एक जरिया भी है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। खंडवा प्रशासन का प्रयास है कि जिले की विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

ऑनलाइन पोर्टल पर नामांकन की सुविधा

आधुनिक तकनीक के उपयोग के माध्यम से अब पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक विशेष 'अवार्ड्स पोर्टल' विकसित किया है।

  • पोर्टल लिंक: योग्य व्यक्तियों के नामांकन https://padmaawards.mp.gov.in पोर्टल पर दर्ज किए जा सकते हैं।

  • अंतिम तिथि: नामांकन दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। इस समय-सीमा के बाद प्राप्त किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा।

  • प्रशासनिक व्यवस्था: जिला स्तर पर इस प्रक्रिया को तीव्र और त्रुटिहीन बनाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक यूजरनेम और पासवर्ड पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं, ताकि वे सीधे पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि कर सकें।

विभागवार जिम्मेदारी और कार्य-योजना

कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों को उनकी भूमिका के अनुरूप जिम्मेदारी सौंपी है ताकि हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व हो सके:

  • पुलिस प्रशासन: कानून-व्यवस्था और समाज सुरक्षा के क्षेत्र में असाधारण सेवा देने वाले कर्मियों या नागरिकों के नाम प्रस्तावित करने हेतु।

  • अनुविभागीय अधिकारी (SDM): अपने अनुविभाग अंतर्गत ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों की उन प्रतिभाओं को खोजना जो सामाजिक सरोकार के कार्यों में संलग्न हैं।

  • स्थानीय निकाय: नगरीय निकायों को स्वच्छता, शहरी विकास और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।

  • प्रमुख विभागीय अधिकारी: कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्रों में जो नवाचार किए गए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने का दायित्व इन विभागों का है।

पात्रता मापदंड और उत्कृष्ट योगदान

पद्म पुरस्कार किसी विशेष उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि पूरे जीवन के समर्पण या किसी क्षेत्र में किए गए दीर्घकालिक और उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिए जाते हैं। नामांकन करते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:

  1. उत्कृष्टता का प्रमाण: नामांकित व्यक्ति के कार्यों का प्रभाव समाज पर सकारात्मक और व्यापक होना चाहिए।

  2. सेवा की भावना: नामांकन के दौरान यह स्पष्ट करना अनिवार्य है कि व्यक्ति ने निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र के लिए क्या योगदान दिया है।

  3. विविधता: सरकार का प्रयास रहता है कि हर वर्ग, जाति और क्षेत्र के व्यक्ति को पद्म पुरस्कारों में प्रतिनिधित्व मिले। अतः महिलाओं, दलित, आदिवासी और अन्य वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने वालों की पहचान प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए।

प्रशासनिक सतर्कता और निर्देश

कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने स्पष्ट किया है कि नामांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी निष्ठा और गंभीरता के साथ योग्य व्यक्तियों के नामों का चयन करें। समय-सीमा की कठोरता को ध्यान में रखते हुए यह भी कहा गया है कि प्रस्तावों को अपलोड करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर ली जाए ताकि तकनीकी आधार पर कोई नामांकन निरस्त न हो।

निष्कर्ष

पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन प्रक्रिया का शुरू होना खंडवा जिले की प्रतिभाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। जिले के प्रशासनिक अमले की सक्रियता यह दर्शाती है कि शासन का प्रयास है कि देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान के लिए सबसे उपयुक्त और पात्र व्यक्ति का चयन हो सके। अब यह जिले के जागरूक नागरिकों और विभागीय अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे अपने आस-पास छिपी हुई उन प्रतिभाओं को खोजें, जिन्होंने अपने कार्य से जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है। 30 जून की डेडलाइन काफी करीब है, ऐसे में सभी संबंधित पक्षों को तत्काल प्रभाव से नामांकन प्रक्रिया को गति देने की आवश्यकता है ताकि समय रहते जिले से उत्कृष्ट प्रविष्टियां पोर्टल पर दर्ज की जा सकें।

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