आमला। क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। शैलेन्द्र बड़ोनिया (एसडीएम) ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अब केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान खामियां पाई जाती हैं, तो संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को नोटिस देने के बजाय सीधे सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में एसडीएम द्वारा आवरिया, ससाबड़, अंधारिया और खापा खतेड़ा गांवों के आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में साफ-सफाई, बच्चों की उपस्थिति और रिकॉर्ड संधारण में कमियां पाई गईं। इस पर उन्होंने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
*निरीक्षण के बाद दिखा त्वरित असर*
एसडीएम की सख्ती का असर अगले ही दिन देखने को मिला। संबंधित गांवों के आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। केंद्रों में झाड़ू-पोछा, परिसर की सफाई, रसोई व्यवस्था को दुरुस्त करने और बच्चों के बैठने की व्यवस्था सुधारने का कार्य तेजी से किया गया।
कई केंद्रों में दीवारों की सफाई, शैक्षणिक सामग्री को व्यवस्थित करना और वातावरण को आकर्षक बनाने के प्रयास भी किए गए। प्रशासनिक दबाव के चलते कर्मचारियों ने व्यवस्था सुधारने में सक्रियता दिखाई।
*बच्चों की सुविधाओं में सुधार*
सुधार अभियान के बाद आवरिया, ससाबड़, अंधारिया और खापा खतेड़ा के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब केंद्रों में—
बैठने की समुचित व्यवस्था
स्वच्छ पेयजल
साफ-सुथरे शौचालय
पोषण आहार का नियमित वितरण
सुनिश्चित किया जा रहा है।
इसके साथ ही बच्चों की नियमित उपस्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
*ग्रामीणों ने जताया संतोष*
केंद्रों में आए सकारात्मक बदलाव से ग्रामीण अभिभावकों ने संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह प्रशासन की सख्ती और निगरानी बनी रही, तो बच्चों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलती रहेंगी।

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