मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में उच्च शिक्षा को नया आयाम: 2026-27 सत्र से नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत

मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 11 प्रमुख शासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक स्तर को और मजबूत करने का फैसला किया है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन कॉलेजों में नए स्नातक (UG) संकाय, नए विषय और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।

उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन के हस्ताक्षर से जारी इस आधिकारिक आदेश में क्षेत्र के छात्रों की मांग और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कॉलेजों में विज्ञान संकाय और कई महत्वपूर्ण विषयों में एम.ए. (M.A.) व एम.एससी. (M.Sc.) स्तर के कोर्स शुरू करने की स्वीकृति दी गई है।

विधायक बृज बिहारी पटेरिया के प्रयास सफल

देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने केसली में यूजी स्तर पर विज्ञान संकाय शुरू कराने के लिए लंबे समय से प्रयास किया था, जो अब सफल हुआ है। स्थानीय जनता ने विधायक को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया है।

नए पाठ्यक्रमों की सूची:

  • शासकीय महाविद्यालय, देवेंद्रनगर: स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय और स्नातकोत्तर स्तर पर राजनीतिशास्त्र।
  • शासकीय महाविद्यालय, बम्हनी: स्नातकोत्तर स्तर पर राजनीतिशास्त्र, हिन्दी एवं समाजशास्त्र।
  • शासकीय महाविद्यालय, नईगढ़ी: स्नातकोत्तर स्तर पर राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र एवं भूगोल।
  • शासकीय कन्या महाविद्यालय, बासौदा: स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय।
  • शासकीय महाविद्यालय, बण्डा: स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र, हिन्दी, इतिहास, वनस्पतिशास्त्र, प्राणीशास्त्र एवं रसायनशास्त्र।
  • शासकीय महाविद्यालय, केसली: स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय।
  • शासकीय महाविद्यालय, रहली: स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी साहित्य एवं समाजशास्त्र।
  • शासकीय महाविद्यालय, गढ़ाकोटा: स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी साहित्य, राजनीतिशास्त्र एवं समाजशास्त्र।
  • शासकीय महाविद्यालय, शाहगढ़: स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी साहित्य, राजनीतिशास्त्र, भूगोल एवं इतिहास।
  • शासकीय महाविद्यालय, ढाना: स्नातक स्तर पर इतिहास विषय।
  • शासकीय महाविद्यालय, जावर: स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय।

इस नए आदेश के बाद ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा। विशेषकर विज्ञान संकाय और स्नातकोत्तर स्तर पर कला व विज्ञान के विषयों के शुरू होने से छात्राओं को अपने ही क्षेत्र में आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहूलियत होगी।

विशेष नोट: बण्डा और शाहगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में नए पोस्ट ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट विषयों को हरी झंडी मिली है। अधिक जानकारी के लिए उच्च शिक्षा विभाग की साइट पर जाएं। क्योंकि इस प्रकार की खबर में लेखन में मानवीय त्रुटि की संभावना रहती है।

यह आदेश 20 मई 2026 को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित कर जारी किया गया है और इसे आगामी नए सत्र से ही प्रभावी कर दिया जाएगा।