मध्य प्रदेश में प्रशासनिक तबादले: देर रात कई IAS अधिकारियों की नियुक्ति

मध्य प्रदेश सरकार ने देर रात एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई IAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव का प्रमुख आकर्षण मनीष सिंह की जनसंपर्क आयुक्त के पद पर वापसी है। यह निर्णय प्रशासनिक दक्षता और सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

प्रमुख तबादले:

  • श्री अशोक वर्णवाल (1991): अपर मुख्य सचिव (ACS) के रूप में लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, कृषि उत्पादन आयुक्त, पर्यावरण विभाग एवं पर्यावरण आयुक्त, खाद्य सुरक्षा (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • श्री संदीप यादव (2000): प्रमुख सचिव - वन विभाग; प्रवासी भारतीय विभाग (अतिरिक्त प्रभार)।
  • श्री अजय गुप्ता (2009): प्रबंध संचालक - म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर।
  • श्री मनीष सिंह (2009): आयुक्त, जनसंपर्क, भोपाल; सचिव - परिवहन विभाग; एमडी, म.प्र. राज्य सड़क परिवहन निगम; एमडी, म.प्र. यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड; एमडी, म.प्र. माध्यम (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में नियुक्त।
  • श्री अभिजीत अग्रवाल (2010): प्रबंध संचालक - म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल।
  • श्री दीपक कुमार सक्सेना (2010): आबकारी आयुक्त - मध्य प्रदेश, ग्वालियर।
  • श्री उमाशंकर भार्गव (2011): संचालक - किसान कल्याण तथा कृषि विकास, भोपाल।
  • श्री सुनील दुबे (2016): राज्यपाल के उप सचिव - राजभवन, भोपाल।
  • श्रीमती संघमित्रा गौतम (2016): मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) - जिला पंचायत, अलीराजपुर।
  • श्रीमती नंदा भलावे कुशरे (2019): अपर परियोजना संचालक - राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, भोपाल।
  • श्री कमल सोलंकी (2019): मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) - जिला पंचायत, रायसेन।
  • श्री शिवशेखर शुक्ला (1994): अपर मुख्य सचिव - गृह विभाग (यह प्रभार उनके वर्तमान ACS संस्कृति एवं धार्मिक न्यास विभाग के साथ अतिरिक्त होगा)।

मुख्य बिंदु:

  • मनीष सिंह की जनसंपर्क आयुक्त के रूप में वापसी लगभग 2 साल और 2 महीने (800+ दिन) के अंतराल के बाद दोबारा इस पद पर हुई हैं। जो इनकी प्रशासनिक क्षमता को दर्शाती है, इनके पास 5 महत्तवपूर्ण विभाग के पद है।
  • ​श्री अशोक वर्णवाल: इनके पास लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, गैस त्रासदी, कृषि उत्पादन आयुक्त, पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा जैसे लगभग 6 महत्वपूर्ण प्रभार हैं।
  • इस फेरबदल में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
  • सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार और राज्य में सुशासन को बढ़ावा देना है।

इस प्रशासनिक बदलाव का असर राज्य के प्रशासनिक ढांचे पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार का यह निर्णय भविष्य में किस प्रकार से सकारात्मक परिणाम प्रदान करता है।