मैहर जिले में पशु कल्याण, गौपालन और पशु संवर्धन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक में पशु कल्याण और गौशालाओं के विकास के लिए आगामी रणनीति पर व्यापक चर्चा की गई। मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में जिले के विकास के लिए पशुपालन विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मंथन हुआ। इस बैठक में मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र के पशुपालकों के हित में अपने सुझाव साझा किए।
पशु कल्याण समिति की आय-व्यय की गहन समीक्षा
बैठक की शुरुआत जिला पशु कल्याण समिति की आय-व्यय के विवरण के साथ हुई। कलेक्टर श्रीमती मुखर्जी ने समिति के वित्तीय प्रबंधन की बारीकी से समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्राप्त निधि का सही और पारदर्शी उपयोग पशुओं के स्वास्थ्य और उनके बेहतर रखरखाव पर किया जाए। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा और उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों का कुशल उपयोग करना विभाग की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
36 गौशालाओं का संचालन और भूसा भंडारण की चुनौती
मैहर जिले में वर्तमान में 36 गौशालाएं संचालित की जा रही हैं। बैठक के दौरान इन गौशालाओं में वर्तमान में रह रहे गौवंश की स्थिति का विस्तार से अनुमोदन किया गया। आगामी मानसून सत्र को देखते हुए कलेक्टर ने सबसे महत्वपूर्ण निर्देश भूसा भंडारण की व्यवस्था को लेकर दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में भूसे की कमी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए भंडारण की व्यवस्था को अभी से सुदृढ़ किया जाए, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान चारे की किल्लत न हो।
आदर्श गौशालाओं का निर्माण और डीएमएफ मद का उपयोग
मैहर को पशुपालन के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। बैठक में चयनित गौशालाओं को 'आदर्श गौशाला' के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए पशु औषधालय के निर्माण की प्रक्रिया को गति प्रदान करने हेतु उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग को निर्देशित किया गया है। इन निर्माण कार्यों के लिए 'डीएमएफ' (जिला खनिज प्रतिष्ठान) मद से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि वित्त की कमी निर्माण कार्यों में बाधा न बने।
पशु क्रूरता निवारण और सामुदायिक सहभागिता
बैठक का एक अहम हिस्सा पशु क्रूरता निवारण समिति से संबंधित रहा। इस समिति को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अब इसमें अशासकीय सदस्यों को भी शामिल करने पर सहमति बनी है। इससे पशुओं के प्रति होने वाली क्रूरता की घटनाओं पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और समाज के जागरूक लोगों का सहयोग प्राप्त हो सकेगा।
'क्षीर धारा ग्राम' योजना से पशुपालकों की आय में वृद्धि
मैहर जिले में पशुपालन को केवल एक सेवा नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण के साधन के रूप में विकसित करने के लिए 'क्षीर धारा ग्राम' योजना को प्राथमिकता दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वन एवं वृंदावन ग्रामों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। प्रशासन की ओर से यहाँ शत-प्रतिशत टीकाकरण, पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान और चारा विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही, पशुपालकों के लिए 'किसान क्रेडिट कार्ड' (KCC) बनाने का अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें आसान ऋण उपलब्ध हो सके और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो।
मां शारदा गौशाला अरकांडी के लिए विशेष दिशा-निर्देश
मैहर की मां शारदा प्रबंध समिति गौशाला अरकांडी को लेकर भी कलेक्टर ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने इस गौशाला में भूसा भंडारण की क्षमता बढ़ाने और गौवंश के लिए नए शेड का निर्माण करने के निर्देश दिए। इस गौशाला में गौवंश को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय समन्वय और भविष्य की राह
बैठक में वन विभाग, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहकारिता विभाग, कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह दी, ताकि पशु कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे पशुपालक तक पहुँच सके। कृषि और पशुपालन विभाग को एक साथ मिलकर काम करने को कहा गया ताकि किसानों को चारा विकास और उन्नत नस्ल के पशुओं की जानकारी समय पर मिल सके।
निष्कर्ष
मैहर प्रशासन की यह समीक्षा बैठक न केवल गौवंश की सेवा के लिए एक सकारात्मक कदम है, बल्कि पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में भी एक गंभीर प्रयास है। गौशालाओं को आदर्श बनाना और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए पशुपालकों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना इस बैठक के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु रहे। यदि इन निर्देशों का पालन धरातल पर पूरी मुस्तैदी से किया जाता है, तो मैहर जिला निश्चित रूप से पशुपालन और गौ-संरक्षण के क्षेत्र में पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक उदाहरण बनकर उभरेगा।
image source : https://maihar.mpinfo.org

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