मैहर जिला मुख्यालय पर बुधवार को आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने प्रशासनिक कसावट को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी विभाग सीएम हेल्पलाइन में अपनी ग्रेडिंग में सुधार लाते हुए 'ए' ग्रेड में आने का हरसंभव प्रयास करें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर 50 दिवस से अधिक समय की एक भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए और न ही किसी भी स्तर पर कोई शिकायत 'नाट-अटेण्ड' (Not Attended) की स्थिति में मिलनी चाहिए। प्रशासनिक बैठकों में इस प्रकार की सख्ती से लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

सीएम हेल्पलाइन और खराब प्रदर्शन पर प्रशासनिक कार्रवाई

कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने समीक्षा बैठक के दौरान पिछले प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए बताया कि जिन विभागों का प्रदर्शन सी और डी श्रेणी में पाया गया है, उन लापरवाह अधिकारियों के एक दिवस का वेतन काट लिया गया है। उन्होंने कड़े निर्देश दिए हैं कि यदि भविष्य में भी विभागों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया और खराब प्रदर्शन की स्थिति बनी रही, तो संबंधित अधिकारियों का एक सप्ताह का वेतन काटने की कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि आम जनता की शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो सके।

प्लास्टिक मुक्त मैहर और युवाओं के भविष्य के लिए नवाचार

बैठक में केवल प्रशासनिक शिकायतों तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि जनहित और शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए गए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मैहर शहर को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता का वातावरण तैयार किया जाए। इसके लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष जिंगल (प्रचार गीत) तथा विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए ताकि छात्र-छात्राएं और आम नागरिक इसके प्रति जागरूक हो सकें।

इसके साथ ही, मैहर जिले के युवाओं और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को संवारने के लिए एक अनूठा नवाचार शुरू किया जा रहा है। कलेक्टर ने घोषणा की कि जिले में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के मेधावी विद्यार्थियों के लिए 'नीट' (NEET) और 'जेईई' (JEE) की निःशुल्क कोचिंग कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। इस उच्च स्तरीय कोचिंग के लिए योग्य शिक्षकों का एक विशेष समूह तैयार किया जाएगा, जिन्हें प्रसिद्ध 'एलेन' (Allen) संस्था के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि मैहर के बच्चे भी देश की शीर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

राजस्व न्यायालयों के संचालन और जिला कोषालय पर निर्देश

राजस्व मामलों और आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व न्यायालयों को उनके निर्धारित मूल मुख्यालय पर ही अनिवार्य रूप से संचालित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि मैहर में अन्य वृत्त के राजस्व न्यायालय संचालित होने के कारण आमजन को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यालय पर न्यायालय संचालित होने से क्षेत्रीय जनता को राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, तहसील कार्यालय मैहर के रिक्त पड़े कक्षों को जिला कोषालय मैहर के लिए आधिकारिक तौर पर आवंटित करने के भी निर्देश दिए गए।

फार्मर रजिस्ट्री और मैदानी अमले की संयुक्त समीक्षा

कृषि और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज 'फार्मर रजिस्ट्री' के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे इस कार्य की सतत और दैनिक मॉनिटरिंग करें। उन्होंने प्रत्येक तहसील में सबसे कम उपलब्धि दर्ज करने वाले 2-2 पटवारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस महत्वपूर्ण कार्य की जमीनी हकीकत जानने और गति लाने के लिए, गुरुवार को प्रातः 11 बजे से मैहर, अमरपाटन और रामनगर के सभी पटवारियों तथा ग्रामीण क्षेत्र के कृषि अधिकारियों की एक संयुक्त समीक्षा बैठक एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्रेक्षा गृह में आयोजित की जाएगी। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह भी तय किया गया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए संबंधित क्षेत्र के पटवारी संबंधित ग्राम पंचायत भवन में लगातार 4 दिन तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर किसानों की रजिस्ट्री का कार्य सुगमता से पूरा कराएंगे।

डीएमएफ (DMF) कार्यों की गुणवत्ता और पेयजल शुद्धिकरण अभियान

जिला खनिज फंड (DMF) के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्वीकृत सभी 76 कार्यों को उच्च कोटि की गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि जो ग्राम पंचायतें डीएमएफ के कार्यों को उचित स्वरूप और गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं करेंगी, उन्हें भविष्य में इस मद के अंतर्गत कोई नया कार्य स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए जनस्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों, कालेजों, छात्रावासों और आंगनवाड़ी केंद्रों के पेयजल स्रोतों से पानी के सैम्पल लेकर उनकी शुद्धता की जांच कराई जाए। साथ ही, पानी के स्रोतों का क्लोरीनेशन करवाकर जल को पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि जलजनित बीमारियों से बच्चों और आम नागरिकों की रक्षा की जा सके।

बुधवार को आयोजित इस उच्च-स्तरीय समय-सीमा बैठक में अपर कलेक्टर संजना जैन, एसडीएम एस.पी. मिश्रा, आरती सिंह, दिव्या पटेल, डिप्टी कलेक्टर आशिमा पटेल सहित जिले के तमाम प्रमुख विभागIीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने बैठक में दिए गए निर्देशों को

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