कल होगी नेशनल लोक अदालत: लंबित मामलों के त्वरित समाधान का सुनहरा मौका
यदि आपके पास कोई पुराना कोर्ट केस या पेंडिंग बिल है जो आपके लिए सिरदर्द बना हुआ है, तो कल का दिन आपके लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (MPSLSA), जबलपुर के निर्देशानुसार, शनिवार, 14 मार्च को प्रदेश भर सहित जिला और तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
अदालतें सजेंगी न्यायाधीशों के मार्गदर्शन में
प्रधान जिला न्यायाधीश एम.के. शर्मा के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय और सभी तहसील स्तर के न्यायालयों में लोक अदालत की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और ‘राजीनामे’ के जरिए वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करना है।
किन मामलों में मिलेगी राहत?
लोक अदालत में उन सभी प्रकरणों को शामिल किया गया है जिनमें कानूनन समझौता संभव है। मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों का निपटारा किया जाएगा:
- नगर निगम संबंधी: संपत्ति कर और जल कर के बकाया मामले।
- बिजली विभाग: बिजली बिल से जुड़े विवाद और प्रीलिटिगेशन मामले।
- बैंकिंग एवं चेक बाउंस: धारा 138 के तहत चेक बाउंस के लंबित केस।
- वैवाहिक विवाद: परिवार न्यायालय में चल रहे आपसी मनमुटाव के मामले।
- ट्रैफिक चालान: वाहनों के पेंडिंग चालान का तत्काल भुगतान।
- अन्य: दीवानी और शमनीय आपराधिक मामले।
छूट का गणित: प्रीलिटिगेशन में विशेष लाभ
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता इसमें मिलने वाली छूट है। नियमानुसार, प्रीलिटिगेशन (जो मामले अभी कोर्ट नहीं पहुंचे हैं) और कुछ लंबित मामलों में अधिभार और ब्याज में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
विशेष नोट: लोक अदालत में होने वाले फैसले की कोई अपील नहीं होती, जिससे कानूनी चक्करों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है और कोर्ट फीस भी वापस होने का प्रावधान है।
पक्षकारों से अपील
विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पक्षकार पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाएं। ‘सुलह से समाधान’ की दिशा में यह एक प्रभावी कदम है, जहाँ 'न कोई जीतता है और न कोई हारता है', बल्कि दोनों पक्षों की संतुष्टि के साथ विवाद समाप्त होता है।

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