सागर जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन: सहमति से समाधान की ओर एक कदम
केसली (सागर) - मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार, आज, शनिवार 9 मई को सागर जिला न्यायालय और जिले की सभी तहसील अदालतों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य "सहमति से समाधान" की परंपरा को आगे बढ़ाना है, जिससे पक्षकारों को लंबे समय से चल रहे मुकदमों से मुक्ति मिल सके।
त्वरित निराकरण के लिए मामलों की सूची
लोक अदालत में दीवानी और फौजदारी के समझौते योग्य प्रकरणों के अलावा, विभिन्न विभागों के प्री-लिटिगेशन मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बिजली संबंधी मामले: बिजली चोरी और बकाया बिलों के प्रकरण।
- नगर निगम: संपत्ति कर और जल कर से जुड़े विवाद।
- बैंकिंग: बैंकों के रिकवरी केस और कर्ज संबंधी मामले।
- पारिवारिक विवाद: वैवाहिक विवाद और भरण-पोषण के प्रकरण।
- अन्य: चैक बाउंस (138 NI Act), श्रम विवाद और मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण।
उपभोक्ताओं के लिए विशेष छूट
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नगर निगम और बिजली कंपनी द्वारा बकाया राशि के अधिभार में शासन के नियमानुसार विशेष छूट प्रदान की जा रही है। आर्थिक तंगी या विवाद के कारण बिल जमा नहीं कर पाने वाले नागरिकों के लिए यह सुनहरा मौका है कि वे कम खर्च में अपने मामलों का निपटारा करें।
सुलह की मेज पर न्याय
विधिक सेवा अधिकारियों के अनुसार, लोक अदालत में फैसले के बाद किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष विजयी होकर घर लौटते हैं। यहाँ हुए फैसले के विरुद्ध अपील भी नहीं की जा सकती, जिससे मामले का हमेशा के लिए अंत हो जाता है और पक्षकारों के बीच कटुता समाप्त होती है।
नोट: यदि आपका कोई मामला न्यायालय में लंबित है या आपको बैंक/बिजली विभाग से नोटिस प्राप्त हुआ है, तो आज ही संबंधित न्यायालय या लोक अदालत खंडपीठ में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

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