1.प्रस्तावना एवं छतरपुर की बड़ी उपलब्धि
छतरपुर : देश की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक गौरवशाली खबर सामने आई है। जिले की नगर परिषद बारीगढ़ ने निर्धारित समय-सीमा से काफी पहले जनगणना के प्रारंभिक और सबसे महत्वपूर्ण चरण 'मकानों की सूचीकरण' (House Listing) के कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण कर एक नई मिसाल पेश की है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी पार्थ जैसवाल के कुशल मार्गदर्शन में बारीगढ़ नगर परिषद ने यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे न केवल जिले का मान बढ़ा है बल्कि प्रदेश के अन्य निकायों के लिए भी एक मानक स्थापित हुआ है।
2.बारीगढ़ मॉडल: 16 ब्लॉकों में सफलता की गाथा
1. नगर परिषद बारीगढ़ के अंतर्गत कुल 16 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) चिन्हित किए गए थे। इन सभी ब्लॉकों में गणना का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है।
2. अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) बलवीर रमन और चार्ज अधिकारी व मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अजय अग्निहोत्री की देखरेख में फील्ड टीमों ने दिन-रात एक कर डेटा संकलन का काम किया।
3. जनगणना 2027 के इस प्रारंभिक चरण में मकानों की नंबरिंग, उनके उपयोग का प्रकार और निवासियों की बुनियादी जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज किया गया है।
4. बारीगढ़ की इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासनिक समन्वय और मैदानी अमले की प्रतिबद्धता एक साथ हो, तो जटिल से जटिल लक्ष्यों को भी समय रहते प्राप्त किया जा सकता है।
3.डिजिटल जनगणना और तकनीकी दक्षता
इस बार की जनगणना पिछली जनगणनाओं की तुलना में काफी अलग और आधुनिक है। बारीगढ़ में प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) ने पारंपरिक कागजी कार्यवाही के बजाय डिजिटल उपकरणों और मोबाइल ऐप्स का उपयोग किया है। तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए, टीमों ने फील्ड से सीधे डेटा सर्वर पर अपलोड किया, जिससे डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्वयं इस प्रक्रिया की बारीकियों पर नजर रखी और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी स्तर पर डेटा में विसंगति न हो।
4. फील्ड टीम की चुनौतियाँ और प्रशासनिक सराहना
जनगणना का कार्य कोई साधारण कार्य नहीं होता। इसमें डोर-टू-डोर पहुंचकर प्रत्येक भवन की सूची तैयार करनी पड़ती है। बारीगढ़ की टीम को भौगोलिक और सामाजिक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन पारदर्शिता के साथ कार्य जारी रहा। फील्ड में तैनात कर्मचारियों की मेहनत को देखते हुए कलेक्टर ने उनकी खुले दिल से सराहना की है। प्रशासनिक हलकों में बारीगढ़ के कार्य की गुणवत्ता की चर्चा हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि बारीगढ़ में अपनाई गई रणनीतियों को जिले की अन्य तहसीलों और नगरीय निकायों में भी लागू किया जाएगा ताकि 30 मई 2026 की अंतिम समय-सीमा से पहले पूरे जिले का लक्ष्य प्राप्त हो सके।
5.जनगणना 2027 का महत्व और भविष्य की रूपरेखा
जनगणना किसी भी देश के विकास की धुरी होती है। इसी डेटा के आधार पर आगामी 10 वर्षों के लिए कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। हाउस लिस्टिंग का यह चरण आगामी मुख्य जनगणना के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगा। बारीगढ़ द्वारा समय पर कार्य पूर्ण करने से अब आगे के चरणों जैसे जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया है।स्थानीय निवासियों ने भी इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया, जो इस सफलता का एक मुख्य कारण रहा है।
6.निष्कर्ष
बारीगढ़ नगर परिषद की यह उपलब्धि छतरपुर जिले के प्रशासनिक कौशल का प्रमाण है। डिजिटल इंडिया के विजन को धरातल पर उतारते हुए बारीगढ़ ने साबित किया है कि मध्य प्रदेश का जमीनी प्रशासन किसी भी राष्ट्रीय दायित्व को पूर्ण करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब नजरें जिले के अन्य निकायों पर हैं कि वे बारीगढ़ के इस 'स्पीड और एक्यूरेसी' मॉडल को कितनी जल्दी अपनाते हैं।
image source:https://chhatarpur.mpinfo.org
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