पन्ना। मध्यप्रदेश शासन के 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत पन्ना जिले में जल स्रोतों के पुनरुद्धार और संरक्षण की गतिविधियों में तेजी आई है। इसी क्रम में शुक्रवार को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा पवई विकासखंड के ग्राम बड़खेड़ा में एक विशेष 'पानी चौपाल' कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में गिरते भूजल स्तर के प्रति जागरूकता फैलाना था।
पानी की हर बूंद है कीमती: उद्यान विस्तार अधिकारी
कार्यशाला के दौरान ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्री पी.एल. प्रजापति ने उपस्थित ग्रामीणों और किसानों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान समय में जल संकट की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
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जल की महत्ता: श्री प्रजापति ने जोर देकर कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद उपयोगी है और इसे बचाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
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आधुनिक सिंचाई प्रणाली: किसानों को पारंपरिक सिंचाई पद्धति के स्थान पर 'टपक सिंचाई' (Drip Irrigation) और 'मिनी व पोर्टेबल स्प्रिंकलर' सिंचाई अपनाने की सलाह दी गई।
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सरकारी अनुदान: विभाग द्वारा इन आधुनिक उपकरणों की खरीद पर किसानों को 45 प्रतिशत से 55 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है, ताकि वे कम लागत में बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकें।
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तकनीकी मार्गदर्शन: किसानों को बताया गया कि कैसे इन तकनीकों के माध्यम से न केवल पानी की बचत होती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार आता है।
तालाब की सफाई के लिए ग्रामीणों ने किया श्रमदान
'पानी चौपाल' की चर्चा के उपरांत केवल सैद्धांतिक बातों तक सीमित न रहकर, व्यावहारिक कदम भी उठाए गए। कार्यशाला के समापन के बाद सभी विभागीय अधिकारी और ग्रामवासी सामूहिक रूप से गांव के स्थानीय तालाब पर एकत्रित हुए।
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सफाई अभियान: ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक तालाब परिसर में साफ-सफाई की गतिविधि आयोजित की।
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स्वच्छता का आग्रह: उपस्थित अधिकारियों ने सभी व्यक्तियों से अपील की कि वे अपने पारंपरिक जल स्रोतों (तालाब, कुआं, बावली) को कचरा मुक्त और स्वच्छ रखें।
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सामुदायिक भागीदारी: गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाबों के संरक्षण के लिए सक्रिय रहेंगे।
जिले में अभियान का व्यापक असर
पन्ना कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों में इस तरह की चौपालों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। ग्राम बड़खेड़ा में हुई इस कार्यशाला ने न केवल किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा, बल्कि जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान, पंचायत प्रतिनिधि और उद्यानिकी विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
image source : gemini ai
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