भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का अड्डा बना पलोह वेयर हाउस: किसानों की दुर्दशा
केसली (सागर): सागर जिले के केसली तहसील के अंतर्गत पलोह वेयर हाउस में संचालित गेहूं, चना और मसूर खरीदी केंद्र इन दिनों भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का गढ़ बन चुका है। हाल ही में केसली एसडीएम राजनंदनी शर्मा द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में केंद्र की काली हकीकत उजागर हुई है।
गुप्त रूप से चल रहा था खरीद का 'खेल'
निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाली स्थिति सामने आई कि खरीदी कार्य खुले परिसर के बजाय वेयर हाउस के कमरों में गुपचुप तरीके से किया जा रहा था। एसडीएम ने देखा कि बाहर ईमानदार किसान अपनी ट्रालियों के साथ कतार में खड़े थे, जबकि कुछ चुनिंदा ट्रालियों से तेजी से माल खाली कराया जा रहा था।
- सेटिंग और रसूख वाली ट्रालियों को प्राथमिकता दी जा रही थी।
- आम किसानों को 'भीड़' का बहाना बनाकर घंटों इंतजार कराया जा रहा था।
- बिना टोकन या पीछे के नंबर वालों की तुलाई अंदर बुलाकर की जा रही थी।
अवैध वसूली: 50 किलो की बोरी पर 51 किलो की वसूली
एसडीएम के सामने सबसे गंभीर मामला अवैध वसूली का आया, जहां किसानों से प्रति बोरी 51 किलो गेहूं लिया जा रहा था। जब एसडीएम ने तोल कांटों की जांच की, तो दो कांटे बंद मिले और चालू कांटों का वजन भी गलत पाया गया।
"हम 3-3 दिनों से धूप में भूखे-प्यासे खड़े हैं, लेकिन ऑपरेटर सिर्फ आश्वासन देते हैं। अंदर साठगांठ वालों का काम तुरंत हो रहा है।" — जय कुमार सिंघई, पीड़ित किसान (नन्ही देवरी)
बुनियादी सुविधाओं की कमी से किसान परेशान
- टोकन सिस्टम फेल: किसान जय कुमार सिंघई ने बताया कि उनका टोकन 4 मई का था, लेकिन 3 दिन बीत जाने के बाद भी नंबर नहीं आया।
- असुविधाएं: पेयजल के नाम पर महज एक टंकी रखी गई है। छाया के लिए कोई शेड नहीं है, जिससे किसान और उनके पशु बेहाल हैं।
किसान अजय जैन, संदीप यादव और जोगली धानक सहित दर्जनों किसानों ने मौके पर ही एसडीएम को घेरकर अपनी आपबीती सुनाई।
दोषियों पर गिरेगी गाज: पंचनामा तैयार
निरीक्षण के बाद एसडीएम राजनंदनी शर्मा ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मौके पर ही पंचनामा तैयार करवाया और स्पष्ट किया कि इस धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
इन पर हो सकती है कार्यवाही:
- जय मां हरसिद्धि वेयर हाउस के प्रबंधक (रामबाबू राजपूत)।
- खरीदी में संलग्न जय गणेश और ओम शांति महिला स्व सहायता समूह।
- चितौरा सेवा सहकारी समिति के संबंधित अधिकारी।
एसडीएम का कथन: "केंद्र पर भारी अनियमितताएं मिली हैं। तोल कांटे खराब हैं और वजन में हेराफेरी की जा रही है। वेयर हाउस मैनेजर और संबंधित समूहों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। विस्तृत जांच प्रतिवेदन जिला मुख्यालय भेजा जा रहा है।" — राजनंदनी शर्मा, एसडीएम केसली
प्रशासन की साख पर सवालिया निशान
पलोह खरीदी केंद्र की यह स्थिति प्रशासन की साख पर सवालिया निशान लगाती है। जहां एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है, वहीं जमीनी स्तर पर 'तुलाई के खेल' और 'वेयर हाउस की सेटिंग' किसानों की कमर तोड़ रही है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन दोषियों पर कितनी कड़ी कार्यवाही करता है।
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