नौरोजाबाद नगर पालिका की लापरवाही, धूल के गुबार में घुटता जनता का दम!

स्थान: नौरोजाबाद

​  मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के नौरोजाबाद नगर पालिका से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। विकास के नाम पर यहाँ की सड़कों को तो खोद दिया गया, लेकिन अब वो विकास ही जनता के लिए गले की फाँस बन चुका है। भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही का आलम यह है कि न तो यहाँ धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही सड़क निर्माण में किसी गुणवत्ता का ख्याल रखा जा रहा है। जब इस विषय पर हमारे संवाददाता ने नौरोजाबाद के CMO से बात करनी चाही, तो साहब मीडिया के सवालों से पल्ला झाड़ते हुए भाग खड़े हुए।

VO - यह नजारा है उमरिया जिले के नौरोजाबाद नगर पालिका क्षेत्र का। विकास का ढिंढोरा पीटने वाले प्रशासन की पोल यहाँ की उड़ती हुई धूल खुद-ब-खुद खोल रही है। नौरोजाबाद में सड़क निर्माण के नाम पर हफ़्तों पहले गड्ढे तो खोद दिए गए, लेकिन उन्हें पूरा करने की सुध किसी को नहीं है। नियमों को ताक पर रखकर बिना पानी के छिड़काव के यहाँ धड़ल्ले से काम चल रहा है, जिसके चलते पूरा नगर धूल के गुबार में तब्दील हो चुका है। राहगीर हों या स्थानीय दुकानदार, हर कोई इस जानलेवा धूल से सांस की बीमारियों का शिकार हो रहा है।

Vo- यहाँ पर रोड को खोद दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। CMO अपने घर से ही नगर पंचायत संचालित करते हैं, और कार्यालय जाने पर मिलते नहीं हैं। नगर में निकलकर समस्याओं का निराकरण करना चाहिए, आम जनता के पास बैठकर रोड के चौड़ीकरण के विषय में चर्चा करनी चाहिए। और जो दुकानदारों ने आगे बढ़ाया है, वो खाली भी नहीं कर रहे हैं, इसके लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। आम जनमानस परेशान हो रहा है इस डस्ट के चलते, और यहाँ पर जो गाड़ियां, परिवहन निकलते हैं, काफी डस्ट होती है। आम जनमानस के ऊपर उचट-उचटकर गिट्टियां लगती हैं सिर पे। बहुएं, गर्भवती महिलाएं जो हॉस्पिटल जाती हैं, ऐसे गड्ढे खोद दिए गए हैं कि प्रसव पीड़ा में उनको वेदना होती है। इस प्रकार से स्थितियां निर्मित कर दी गई हैं। नगर नौरोजाबाद की कोई देखने वाला नहीं है, सुनने वाला नहीं है। यहाँ सिंचाई (पानी छिड़काव) की कोई व्यवस्था नहीं है। यानी मूक-बधिर और अंधे की सरकार बैठी हुई है।
VO जनता का दर्द आपने सुन लिया। गिट्टियां लोगों के सिर पर लग रही हैं, गर्भवती महिलाओं का रास्ते से गुजरना दूभर हो चुका है, लेकिन नौरोजाबाद नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को इससे कोई सरोकार नहीं है। जब मीडिया ने जनता की इन बुनियादी समस्याओं को लेकर CMO साहब से जवाब मांगना चाहा, तो वे सवालों का सामना करने के बजाय कन्नी काटते नजर आए। कैमरे के सामने आने से बचते और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते अधिकारी यह साफ बयां कर रहे हैं कि आखिर क्यों नौरोजाबाद की जनता भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।
​ लापरवाही की हद तो तब हो जाती है जब जिम्मेदार अधिकारी ही वातानुकूलित कमरों में बैठकर या अपने घरों से नगर पालिका चलाएं। सवाल यह उठता है कि ठेकेदार और अधिकारियों की इस जुगलबंदी का खामियाजा आखिर नौरोजाबाद की जनता कब तक भुगतेगी? घटिया निर्माण कार्य और इस जानलेवा धूल पर जिला प्रशासन कब संज्ञान लेगा, यह देखने वाली बात होगी।