नीमच जिला मुख्यालय पर प्रशासन की संवेदनशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण सामने आया है, जहां कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की पहल पर जनसुनवाई में प्राप्त एक आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दिव्यांग हितग्राही को स्वरोजगार के लिए साधन उपलब्ध कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 21 जुलाई 2026 को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान ग्राम डांगाड़ी (तहसील मनासा) निवासी दिव्यांग युवा श्री पंकज चौहान पिता श्री राजाराम चौहान ने स्वरोजगार के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने हेतु अपना आवेदन प्रस्तुत किया था। कलेक्टर ने इस आवेदन को गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल संज्ञान लिया और डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सुश्री श्रुति भयडिया को आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी कर हितग्राही को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए थे।

अल्ट्राटेक सीमेंट के सहयोग से मिला ई-रिक्शा

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के स्पष्ट और त्वरित निर्देशों के पालन में सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत अल्ट्राटेक सीमेंट, खोर के सहयोग से ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई। यह ई-रिक्शा 23 जुलाई 2026 को कलेक्टर कार्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा तथा डिप्टी कलेक्टर एवं उपसंचालक सुश्री श्रुति भयडिया के कर-कमलों द्वारा दिव्यांग हितग्राही श्री पंकज चौहान को आधिकारिक रूप से प्रदान किया गया। प्रशासन की इस त्वरित और सकारात्मक पहल से जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता मिल सकी है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम और हितग्राही की प्रतिक्रिया

ई-रिक्शा की चाबी और वाहन प्राप्त होने पर दिव्यांग श्री पंकज चौहान की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से अब उन्हें जीवन यापन के लिए स्वरोजगार का एक नया और ठोस सहारा मिल गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस ई-रिक्शा के माध्यम से वे पूरी तरह आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण करने में सक्षम होंगे। श्री पंकज चौहान ने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए नीमच कलेक्टर और संबंधित सभी प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

वितरण प्रक्रिया में प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग

इस पूरे ई-रिक्शा वितरण एवं सहायता कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र नीमच के अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट श्री भूरालाल अहीर, कार्यालय सहायक श्री प्रकाश सैनी, फिजियोथैरेपी सहायक श्री विकास अंखिया तथा चौकीदार श्री सत्यराम रावत आदि ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई और पूरी प्रक्रिया को सफलताપूर्वक पूरा कराया। जिला प्रशासन के इस प्रकार के त्वरित और जनहितैषी कदमों से आम नागरिकों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।

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