नीमच जिले में नागरिकों को त्वरित राजस्व सेवाएं प्रदान करने और प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में जिले के सभी राजस्व अधिकारी और प्रमुख प्रशासनिक अमला उपस्थित रहा। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, और सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना था।

राजस्व प्रकरणों के त्वरित और मौके पर जाकर निराकरण के निर्देश

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने बैठक के दौरान सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रास्ता विवाद, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा तथा परंपरागत रास्तों से जुड़े तमाम मामलों का प्राथमिकता के आधार पर मौके पर जाकर त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को समय पर राहत मिल सके।

  • सर्वोच्च प्राथमिकता: कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

  • नियमित मॉनिटरिंग: सभी अनुविभागीय अधिकारियों (SDMs) को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने और निराकरण की प्रक्रिया में व्यक्तिगत रुचि लेने के निर्देश दिए गए।

  • समय-सीमा (टीएल) प्रकरण: एसडीएम और तहसीलदार न्यायालयों में लंबित टीएल मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि तीन से छह महीने से अधिक समय से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए। आगामी एक महीने के भीतर कम से कम 85 प्रतिशत टीएल प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया।

नामांतरण, बंटवारा और पोर्टल संबंधी कड़े लक्ष्य

राजस्व कार्यों में गति लाने के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न श्रेणियों में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:

  • लक्ष्य निर्धारण: नामांतरण प्रकरणों में 85 प्रतिशत तथा बंटवारा प्रकरणों में 80 प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य तय किया गया है।

  • आरसीएमएस पोर्टल: आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा गया कि किसी भी न्यायालय में 3 महीने से अधिक पुराना कोई भी राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए।

  • लोक सेवा गारंटी: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मिलने वाले सभी आवेदनों को तय समय-सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से निराकृत किया जाए।

अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान और अन्य समीक्षा बिंदु

सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और भूमि विवादों के समाधान के लिए बैठक में निम्नलिखित सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए:

  • अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई: शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने और संभावित स्थलों का सर्वे करने को कहा गया। शासकीय रास्तों, तालाबों, श्मशान भूमि और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • स्थल पर समाधान: पटवारी और राजस्व अधिकारी दोनों पक्षों की उपस्थिति में मौके पर जाकर रास्ता विवादों का समाधान करें। पुलिस विभाग के समन्वय से भूमि विवादों के निपटारे हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।

  • अन्य मामले: फार्मर रजिस्ट्री में प्रविष्टियां बढ़ाने, शासकीय भूमि के नक्शों के तरमीम कार्य, उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय में लंबित शासकीय मामलों, लोकायुक्त व मानवाधिकार आयोग से प्राप्त शिकायतों तथा भू-अर्जन के लंबित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश, नीमच एसडीएम श्री पराग जैन, जावद एसडीएम श्री संजीव साहू, मनासा एसडीएम सुश्री किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, सुश्री श्रुति भयड़िया सहित जिले के सभी तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।

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