बैतूल। शहर में गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका परिषद बैतूल के नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नवनीत पांडेय ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की।
उन्होंने 27 मार्च की शाम करीब 6 बजे फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया, जहां सप्लाई किए जा रहे पानी की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई।
निरीक्षण के दौरान पानी का रंग मटमैला मिला और उसमें से हल्की बदबू भी आ रही थी। इससे यह स्पष्ट हो गया कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी।
निरीक्षण में सामने आई भारी लापरवाही
सीएमओ के निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट पर कार्यरत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई।
फिल्टर प्लांट पर तैनात पंपचालक (विनियमित) राजु पिंजारें ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। बाद में जब वे मौके पर पहुंचे तो वे शराब के नशे की हालत में थे।
इस गंभीर अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडेय ने राजु पिंजारें को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की।
फिल्टर प्लांट प्रभारी को कारण बताओ नोटिस
मामले में केवल पंपचालक ही नहीं, बल्कि फिल्टर प्लांट प्रभारी भवेन्द्र मालवी की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
सीएमओ ने उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र (शो कॉज नोटिस) जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
उन्हें स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा सामने आई, तो उनके खिलाफ एकपक्षीय और कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
निरीक्षण के बाद नवागत सीएमओ ने फिल्टर प्लांट की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ, शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहरवासियों को राहत, लापरवाहों में हड़कंप
सीएमओ की इस कार्रवाई के बाद जहां शहरवासियों ने राहत महसूस की है, वहीं नगर पालिका के अन्य कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई है।
लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई होती रही, तो पेयजल व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार आएगा।

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