पन्ना, मध्य प्रदेश। जिले में रबी सीजन के तहत गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पन्ना, संजय कुमार नागवंशी ने गुरुवार को कृष्णा कल्याणपुर स्थित उपार्जन केंद्र का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अर्चना वेयरहाउस में बनाए गए इस केंद्र पर पहुंचकर खरीदी की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

1.प्रमुख बिंदु: निरीक्षण की मुख्य बातें

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:

  • व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन: एसडीएम संजय कुमार नागवंशी ने अर्चना वेयरहाउस स्थित कृष्णा कल्याणपुर केंद्र की हर एक गतिविधि का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र पर गेहूं की आवक, उपलब्ध स्थान और सुरक्षा के प्रबंधों की समीक्षा की।

  • किसानों से सीधा संवाद: अधिकारी ने केंद्र पर उपस्थित किसानों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। उन्होंने किसानों से पूछा कि उन्हें उपज बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं आ रही है। किसानों से खरीदी प्रक्रिया और भुगतान के संबंध में भी फीडबैक लिया गया।

  • समस्याओं का त्वरित समाधान: किसानों की समस्याओं को सुनते हुए एसडीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया को सुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को बिना किसी परेशानी के उनकी फसल का उचित दाम और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।

  • सर्वेयर एवं केंद्र प्रभारी को कड़े निर्देश: निरीक्षण के दौरान सर्वेयर और केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए गए कि वे केंद्र पर निरंतर उपस्थित रहें। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि अनाज की गुणवत्ता की जांच में कोई लापरवाही न हो और किसानों को अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े।

  • मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता: एसडीएम ने खरीदी केंद्र में तुलाई के कांटों का सत्यापन, पानी की व्यवस्था, किसानों के बैठने के स्थान और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए किसानों के लिए पीने के पानी और छाया के समुचित प्रबंध हर समय उपलब्ध होने चाहिए।

  • ग्रेडिंग और तुलाई कार्य की समीक्षा: गेहूं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किए जा रहे ग्रेडिंग कार्य का भी अवलोकन किया गया। एसडीएम ने तुलाई प्रक्रिया की गति और आवक के अनुसार प्रबंधों को और बेहतर बनाने के लिए सतत निगरानी के निर्देश दिए।

2.प्रशासनिक रुख और भविष्य की रणनीति

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम पात्र किसान तक सरकारी योजना का लाभ पहुँचे। एसडीएम नागवंशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  1. सतत निगरानी: उपार्जन केंद्र पर प्रतिदिन होने वाली आवक और तुलाई का मिलान समय पर किया जाए।

  2. पारदर्शिता: खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए ताकि किसानों का विश्वास बना रहे।

  3. आकस्मिक चुनौती: यदि मौसम में बदलाव या तकनीकी समस्या आती है, तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं।

3.निष्कर्ष

पन्ना एसडीएम के इस औचक निरीक्षण से उपार्जन केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों में सक्रियता देखी जा रही है। प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य पन्ना जिले के किसानों को उनकी मेहनत का फल सुगमता से दिलाना है। एसडीएम ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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