आमला। आमला क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां रेणुका छावल मंदिर में एक श्रद्धालु और उसके परिवार के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है।

पीड़ित पक्ष की शिकायत पर आमला थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद धार्मिक स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और चढ़ावे के उपयोग को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।

श्रद्धालु ने लगाया मंदिर परिसर में हमला करने का आरोप

पीड़ित अमित नरवरे ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ मां रेणुका मंदिर दर्शन करने पहुंचे थे।

उनके अनुसार, मंदिर परिसर के पास नारियल खरीदने के दौरान कहासुनी हुई थी। इसके बाद वे परिवार सहित मंदिर में पूजा-अर्चना कर एक ओर बैठे हुए थे।

अमित नरवरे का आरोप है कि इसी दौरान प्रताप महाराज, दिलीप गोस्वामी और राजगढ़ गोस्वामी ने मिलकर उनके साथ मारपीट की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय उनकी पत्नी और बच्चे भी साथ मौजूद थे, जिससे परिवार दहशत में आ गया।

घटना के बाद अमित नरवरे ने आमला पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई और चिकित्सकीय परीक्षण (मुलाहिजा) भी कराया।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पहले भी विवादों में रहा है मंदिर परिसर, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी मंदिर परिसर में विवाद और तनाव की स्थितियां सामने आती रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मां रेणुका मंदिर क्षेत्र एक आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है, जहां बैतूल जिले के अलावा दूर-दूर से भी श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं मंदिर की छवि को प्रभावित कर रही हैं।

चढ़ावे और मंदिर प्रबंधन को लेकर भी चर्चा तेज

मामले के बाद मंदिर में आने वाले चढ़ावे, दान-दक्षिणा और पूजा सामग्री के उपयोग को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों और कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित नारियल, श्रृंगार सामग्री और नकद चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में वर्षों से अच्छा-खासा चढ़ावा आता है, लेकिन उसके उपयोग, लेखा-जोखा और मंदिर विकास कार्यों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था दिखाई नहीं देती।

ग्राम पंचायत ने ट्रस्ट गठन की मांग उठाई

ग्राम पंचायत से जुड़े लोगों ने भी मंदिर प्रबंधन को लेकर संगठित व्यवस्था की आवश्यकता जताई है।

स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि मां रेणुका मंदिर के लिए प्रशासनिक देखरेख में एक ट्रस्ट बनाया जाए, ताकि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान राशि का उपयोग पारदर्शी तरीके से मंदिर के विकास, निर्माण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किया जा सके।

बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत की ओर से तहसीलदार और एसडीएम को लिखित शिकायत देकर ट्रस्ट गठन की मांग की जा सकती है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा

स्थानीय लोगों का कहना है कि मां रेणुका छावल मंदिर एक पवित्र और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल है, जहां श्रद्धालु शांति, श्रद्धा और आस्था के साथ पहुंचते हैं।

ऐसे में यदि मंदिर परिसर में मारपीट, अभद्रता और अव्यवस्था की घटनाएं होती हैं, तो इससे न केवल श्रद्धालुओं की भावना आहत होती है, बल्कि पूरे क्षेत्र की छवि भी प्रभावित होती है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए

दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच करे,

मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे,

और भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाए।