ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध जल की पहल: देवरी-केसली योजना का कमिश्नर अनिल सुचारी ने किया निरीक्षण

ग्रामीण इलाकों में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों को बल देते हुए, सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने मध्यप्रदेश जल निगम के अंतर्गत संचालित देवरी-केसली ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का विस्तार से निरीक्षण किया। इस परियोजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान, कमिश्नर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

जल शोधन संयंत्र की प्रगति पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान, अनिल सुचारी ने 31 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र के निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने प्लांट के विभिन्न हिस्सों की जांच की और अब तक हुए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की।

निर्देश: गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर

कमिश्नर ने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने तीन मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया:

  • समय-सीमा का पालन: परियोजना का कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा होना चाहिए।
  • गुणवत्ता नियंत्रण: उच्च स्तरीय मानकों का पालन करते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
  • सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इस महत्वाकांक्षी योजना से 368 गांवों को जोड़ा गया है। हमारा उद्देश्य है कि इन सभी परिवारों को जल्द से जल्द शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
— अनिल सुचारी, कमिश्नर, सागर संभाग

368 गांवों की बदलेगी तस्वीर

देवरी-केसली ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना इस क्षेत्र के लिए एक जीवनरेखा साबित होगी। इसके पूरा होने पर, देवरी और केसली ब्लॉक के 368 गांवों के हजारों परिवारों को फ्लोराइड और अन्य अशुद्धियों से मुक्त, साफ पानी नल के माध्यम से मिलेगा। इससे न केवल स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि पानी की समस्याओं से भी छुटकारा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान जल निगम के इंजीनियर्स, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी उपस्थित रहे। कमिश्नर ने अधिकारियों को नियमित रूप से साइट का दौरा करने और आ रही बाधाओं को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।