विदिशा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया जैसी घातक और संक्रामक बीमारियों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विदिशा जिले में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नटेरन के तत्वावधान में 'मलेरिया जनजागरूकता रथ' निरंतर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार, 16 जून को यह रथ देवखजूरी, कागपुर, हिनोतिया, सेउ एवं पमारिया चौराहा सहित कई गांवों में पहुँचा, जहाँ ग्रामीणों को मच्छरजनित रोगों से बचाव और स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया गया।
स्वच्छता और जागरूकता ही बचाव का मुख्य आधार
स्वास्थ्य विभाग के दल ने जनजागरूकता रथ के माध्यम से ग्रामीणों को स्पष्ट किया कि मलेरिया का प्रसार मुख्य रूप से संक्रमित मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से होता है। जागरूकता रथ के जरिए ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि यदि हम अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखें, तो मच्छरों के पनपने की संभावनाओं को समाप्त किया जा सकता है।
अभियान के दौरान निम्नलिखित मुख्य सुझाव दिए गए:
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जल जमाव की रोकथाम: घरों के आसपास, कूलर, गमलों, पुरानी टायरों या गड्ढों में पानी जमा न होने दें। रुका हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल जगह होता है।
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स्वच्छता का महत्व: घर और उसके बाहरी परिवेश को साफ-सुथरा रखें। कचरे का उचित निपटान करें ताकि मच्छर न पनप सकें।
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मच्छरदानी का प्रयोग: रात में सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें, जो मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी और सस्ता उपाय है।
निशुल्क जांच और उपचार की सुविधा
जनजागरूकता रथ के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकार मलेरिया के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए समस्त आवश्यक सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध हैं।
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
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स्थानीय स्तर पर सुविधा: क्षेत्र के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं के पास मलेरिया की जांच के लिए किट और दवाएं उपलब्ध हैं।
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तत्काल जांच का महत्व: बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर इसे सामान्य न समझें। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं।
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समय पर उपचार: समय पर पहचान और सही उपचार से मलेरिया जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुरक्षा का संकल्प
स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस अभियान के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि 'मलेरिया मुक्त विदिशा' का सपना केवल शासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से ही पूरा हो सकता है। अधिकारियों ने अपील की है कि स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान न मानकर इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी सराहना की गई, जो गांव-गांव जाकर घर-घर तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुँचा रही हैं। अभियान का उद्देश्य केवल उपचार करना नहीं, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति एक ऐसी समझ विकसित करना है जिससे वे बीमारियों से खुद को बचा सकें।
सतर्कता और बचाव में ही समझदारी
विदिशा जिले में स्वास्थ्य विभाग का यह जनजागरूकता रथ ग्रामीण आबादी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण जरिया बन गया है। रथ के माध्यम से लाउडस्पीकर के द्वारा दी जा रही जानकारियों ने ग्रामीणों के बीच मलेरिया को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर करने का काम किया है।
अंत में, विभाग ने सभी ग्रामीणों से आह्वान किया है कि वे न केवल स्वयं जागरूक बनें, बल्कि अपने पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों को भी मच्छरों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करें। यदि समाज का हर व्यक्ति अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक और सतर्क रहेगा, तो मलेरिया जैसी मच्छरजनित रोगों की जड़ को आसानी से काटा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान आगामी दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी निरंतर जारी रहेगा।
Image Source: https://vidisha.mpinfo.org

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