बालाघाट। सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बालाघाट कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 16 जून को सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा के लिए एक विशेष सुनवाई आयोजित की। इस सत्र में मुख्य रूप से खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की उन शिकायतों को प्राथमिकता दी गई, जो 200 दिनों से अधिक समय से लंबित थीं। कलेक्टर ने स्वयं शिकायतकर्ताओं और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ आमने-सामने चर्चा की और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया।
राशन और खाद्यान्न पात्रता पर्ची का त्वरित समाधान
सुनवाई के दौरान खाद्यान्न वितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतों पर गहन चर्चा हुई। किरनापुर तहसील के तुलसीराम बावनकर, वारासिवनी के किशोर कुमार और बालाघाट के ग्राम केशलेवाड़ा निवासी प्रदीप ने खाद्यान्न पर्ची न मिलने और नाम न जोड़े जाने की शिकायतें की थीं।
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निराकरण की स्थिति: कलेक्टर के समक्ष विभागीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि किशोर कुमार, प्रदीप और तुलसीराम तीनों की शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को इन प्रकरणों को पोर्टल पर तत्काल 'क्लोज' (बंद) करने के निर्देश दिए गए हैं।
मातृ वंदना योजना: पोर्टल पर अपडेट न होने की समस्या का हल
कटंगी के रामदयाल, बिरसा के ओमलाल दांदरे और बालाघाट के मुकेश कुमार चौरे ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ न मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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वास्तविक स्थिति: सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में योजना की राशि मार्च 2026 में ही जमा हो चुकी थी। तकनीकी खामी के कारण यह जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही थी।
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निराकरण: संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं को बैंक स्टेटमेंट के माध्यम से राशि मिलने का प्रमाण दिखाया, जिसके बाद इन सभी शिकायतों को संतुष्टिपूर्ण मानते हुए बंद कर दिया गया।
प्रसूति सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में कमला टेंभुर्ने, भुवनेश्वरी लिल्हारे और रूखमणी निषाद की शिकायतों पर सुनवाई हुई। इन महिलाओं ने 2024 में जिला चिकित्सालय में प्रसव के उपरांत 'संबल योजना' के तहत मिलने वाली प्रसूति सहायता राशि न मिलने की शिकायत की थी।
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कार्यवाही: जिला चिकित्सालय के डॉ. ऋत्विक पटेल ने अवगत कराया कि तीनों महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि का हस्तांतरण कर दिया गया है। शिकायतों के निराकरण की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर ने इन्हें बंद करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा है और इसमें आमजन की शिकायतों को लंबा खींचना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी न की जाए। यदि किसी योजना का लाभ मिल चुका है, तो उसे पोर्टल पर समय रहते अपडेट करना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है।
इस विशेष सुनवाई से उन आवेदकों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे। प्रशासन का यह 'फेस-टू-फेस' संवाद मॉडल अन्य विभागों के लिए भी एक उदाहरण पेश कर रहा है, जिससे शिकायतों के निराकरण की दर में और अधिक सुधार आने की संभावना है।
Image Source: https://balaghat.mpinfo.org

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