बिरसिंहपुर: जनपद पंचायत मझगवां के अंतर्गत ग्राम पंचायत पगार कला में गुरुवार को राजनीतिक हलचल अपने चरम पर रही। वर्तमान सरपंच गोपिका कुशवाहा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया, जिसके फलस्वरूप उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। प्रशासन की कड़ी निगरानी में हुई इस वोटिंग में सरपंच अपना विश्वास मत हासिल करने में पूरी तरह असफल रहे।

वोटिंग का समीकरण - 

ग्राम पंचायत के सामुदायिक भवन में आयोजित इस मतदान प्रक्रिया में कुल 20 सदस्यों ने हिस्सा लिया। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 17 मत पड़े, जबकि सरपंच के समर्थन में मात्र 3 मत ही मिल सके। इस बड़े अंतर ने यह स्पष्ट कर दिया कि पंचायत के अधिकांश सदस्य वर्तमान नेतृत्व से असंतुष्ट थे. 

 

प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए तहसीलदार बिरसिंहपुर शैलेंद्र शर्मा और सभापुर थाना प्रभारी निरीक्षक शंखधर द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात रहे। पुलिस बल और राजस्व विभाग की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकी।

इस दौरान उपसरपंच अशोक पयासी, दीपक शुक्ला, जय किशोर तिवारी, बाल्मीक कोल, पंकज त्रिपाठी, अभिषेक पयासी, अंबिका त्रिपाठी और विष्णु तिवारी सहित पंचायत के अन्य प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. 

 

नए नेतृत्व की तलाश - 

पगार कला पंचायत में हुए इस उलटफेर के बाद अब नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बहुमत खोने के बाद गोपिका कुशवाहा को पदमुक्त कर दिया गया है, जिससे गांव की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है।