सतना जिले में नागरिकों को शुद्ध पेयजल, बेहतर स्वच्छता और शहरी विकास योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला शहरी विकास अभिकरण के अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षा एवं निगरानी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री शैलेंद्र सिंह सहित समस्त नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), उपयंत्री, पीआईयू रीवा, एमपीयूडीसी और जिला शहरी विकास अभिकरण सतना के तमाम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

पेयजल व्यवस्था और जल गुणवत्ता पर विशेष जोर

बैठक के दौरान नगरीय क्षेत्रों में चल रही पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने अधिकारियों को आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश दिए।

  • नियमित निरीक्षण: सभी नगरीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले पेयजल स्रोतों और जल प्रदाय योजनाओं का नियमित रूप से मैदानी निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए, जिससे शहर के नागरिकों को सुचारू और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

  • जल गुणवत्ता परीक्षण: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पेयजल की गुणवत्ता की जांच समय-समय पर अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा आवश्यकता के अनुसार क्लोरीनीकरण और जल शोधन (वाटर प्यूरीफायर/ट्रीटमेंट) की कार्रवाई तुरंत की जाए।

  • शिकायतों का त्वरित निराकरण: जनता की तरफ से पेयजल आपूर्ति से संबंधित यदि कोई भी शिकायत प्राप्त होती है, तो उसका बिना किसी विलंब के त्वरित और संतोषजनक निराकरण किया जाए।

स्वच्छता मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के निर्देश

शहरी स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

  • लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट: स्वच्छ भारत मिशन के तहत लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।

  • बल्क वेस्ट जनरेटर का पंजीयन: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों के तहत शहर के सभी बल्क वेस्ट जनरेटर का वार्डवार चिन्हांकन किया जाए और उनका विधिवत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।

अमृत 2.0 मिशन और सड़क मरम्मत के निर्देश

अमृत 2.0 मिशन के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि जल आपूर्ति से जुड़े पाइपलाइन बिछाने या अन्य कार्यों के दौरान जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी मरम्मत समय पर कराई जाए, ताकि आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सके।

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