आमला। मध्य प्रदेश शासन के पर्यावरण विभाग के निर्देशों के पालन में अनुभाग आमला में नरवाई जलाने वाले किसानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। प्रशासन द्वारा खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तीन किसानों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आमला श्री शैलेन्द्र बड़ौनियाँ के निर्देशन में की गई। कार्रवाई के तहत ग्राम छिपनया पिपरिया निवासी बैजनाथ पिता पिरथ, ग्राम ब्राम्हणवाड़ा निवासी मुन्नालाल पिता फंदीलाल तथा ग्राम नयेगांव निवासी प्यारेलाल वल्द गिरधारी को नरवाई जलाने का दोषी पाए जाने पर 2500-2500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन द्वारा उक्त राशि की वसूली भी कर ली गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेतों में नरवाई जलाना केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं है, बल्कि इससे वायु प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति में कमी, जीव-जंतुओं को नुकसान और कई बार आगजनी की बड़ी घटनाएं भी हो सकती हैं। इसी कारण शासन द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
किसानों से की गई अपील
एसडीएम शैलेन्द्र बड़ौनियाँ ने क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि वे शासन एवं एनजीटी के निर्देशों का पालन करते हुए खेतों में नरवाई न जलाएं। उन्होंने कहा कि किसान पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और ऐसे विकल्प अपनाएं, जिससे खेतों की उर्वरता भी बनी रहे तथा वातावरण भी सुरक्षित रहे।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई किसान नरवाई में आग लगाते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अन्य किसानों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि नरवाई जलाने जैसी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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