विदिशा | मध्य प्रदेश में भीषण ग्रीष्म ऋतु के दौरान आम नागरिकों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से प्रदेश के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस बैठक में विदिशा जिले सहित प्रदेश भर के संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, ताकि गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।

विदिशा में समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस बैठक के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:

  • योजनाओं की समीक्षा: प्रमुख सचिव ने प्रदेश भर के विभिन्न निकायों में चल रही पेयजल योजनाओं, जल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों का विस्तृत जायजा लिया।

  • समय-सीमा में क्रियान्वयन: मुख्य सचिव ने बल देते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत और समय-सीमा के भीतर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त हो सके।

  • सतत मॉनिटरिंग: विदिशा जिले के एनआईसी वीसी कक्ष में उपस्थित कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिले की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है। जिले में संचालित समस्त पेयजल परियोजनाओं और 'जल जीवन मिशन' के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

  • सक्रिय मैदानी अमला: कलेक्टर ने यह सुनिश्चित किया कि जल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या के त्वरित निराकरण के लिए पूरे जिले में मैदानी अमले को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।

जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश

बैठक में पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं:

  1. अवरोध मुक्त आपूर्ति: गर्मी के मौसम को गंभीरता से लेते हुए यह निर्देश दिए गए हैं कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

  2. मरम्मत कार्य: खराब पड़े हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों के सुधार एवं मरम्मत कार्य को तत्काल प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के लिए कहा गया है।

  3. त्वरित कार्रवाई: विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से यदि पेयजल संकट की कोई भी शिकायत प्राप्त होती है, तो उस पर बिना किसी विलंब के त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

विदिशा में प्रशासनिक समन्वय

विदिशा के एनआईसी वीसी कक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले की प्रशासनिक टीम पूरी सक्रियता के साथ उपस्थित रही। इस बैठक में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के साथ-साथ अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ओपी सनोडिया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिले में पेयजल की स्थिति और जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि गर्मी के इन कठिन दिनों में जल प्रबंधन में लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल जीवन मिशन के तहत जो परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, उनकी गति बनी रहे और जहां जल स्रोतों की कमी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्थाएं तुरंत सक्रिय की जाएं। यह संपूर्ण कवायद विदिशा के निवासियों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

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