मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में प्रशासन को आमजन के और करीब लाने की दिशा में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शुक्रवार को उन्होंने कुरवाई तहसील के विभिन्न गांवों का सघन दौरा कर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने करमेड़ी, माला, महलुआ, भौंरासा और कांकर गांवों में पहुंचकर न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को परखा, बल्कि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रहे लाभों के बारे में जानकारी भी ली। कलेक्टर के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है।

विकास कार्यों का निरीक्षण और जनसंवाद

कलेक्टर श्री गुप्ता ने अपने दौरे की शुरुआत ग्राम करमेड़ी से की, जहां उन्होंने नवनिर्मित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। इसके उपरांत आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी गंभीरता से सुना। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भ्रमण के दौरान कलेक्टर द्वारा किए गए प्रमुख निरीक्षणों में शामिल रहे:

  • ग्राम माला: यहाँ उन्होंने नवनिर्मित पंचायत भवन का अवलोकन किया और नल-जल योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही, “एक बगिया मां के नाम” अभियान के तहत हो रहे कार्यों की भी समीक्षा की।

  • महलुआ चौराहा: कलेक्टर ने यहां के पुस्तकालय और उप स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और दवाओं के स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहतर सुविधाएं प्रदान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • ग्राम भौंरासा: यहां उन्होंने उचित मूल्य दुकान और नवनिर्मित आयुष औषधालय का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राशन वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से लाभ मिले।

स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर

ग्राम कांकर में कलेक्टर ने “एक बगिया मां के नाम” के तहत किए गए कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से सीधा संवाद किया। महिलाओं ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव आए हैं। कलेक्टर ने उनकी मेहनत की सराहना की और उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से और अधिक आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रशासनिक अमले को कड़े निर्देश

इस निरीक्षण दौरे के दौरान कलेक्टर के साथ एसडीएम श्री मनीष जैन, कृषि विभाग के उपसंचालक श्री केएस खपेड़िया, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ श्री विनय प्रकाश सिंह, जनपद सीईओ श्री आयुष अग्रवाल सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  1. गुणवत्ता और पारदर्शिता: सरकारी निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और कार्यों में पूरी पारदर्शिता रखी जाए।

  2. सतत मॉनिटरिंग: पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए ताकि उनका उद्देश्य पूर्ण हो सके।

  3. जन-सुविधा: ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए योजनाओं का लाभ उन्हें उनके ग्राम स्तर पर ही सुलभ कराया जाए।

ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के इस दौरे से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों का मानना है कि जब जिले के शीर्ष अधिकारी स्वयं उनके बीच आकर समस्याओं को सुनते हैं, तो इससे न केवल कार्यकुशलता बढ़ती है बल्कि शासन पर आमजन का भरोसा भी मजबूत होता है। कलेक्टर ने दौरे के अंत में विश्वास दिलाया कि विदिशा जिले के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा और किसी भी नागरिक को उसकी पात्रता का लाभ मिलने में असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

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