मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास देखने को मिला है। जिले के कुरवाई तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों का दौरा करते हुए कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जमीनी स्तर पर जाकर आमजन की मूलभूत समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश भी दिए। यह दौरा न केवल प्रशासनिक कसावट के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में भी सामने आया है, क्योंकि प्रशासन के शीर्ष अधिकारी को अपने बीच पाकर उनकी समस्याओं के समाधान की उम्मीदें जाग गई हैं।

विदिशा के गांवों में कलेक्टर का सीधा संवाद

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता का यह सघन भ्रमण विदिशा जिले की कुरवाई तहसील के ग्राम करमेडी, माला मेहलुआ, भौरासा और कांकर जैसे क्षेत्रों में केंद्रित रहा। दिनांक 29 मई 2026 को आयोजित इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत को परखना और ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे उनके मुख से सुनना था।

भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने इन गांवों में पहुंचकर लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने न केवल समस्याओं को नोट किया, बल्कि मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

ग्राम कांकर में दिखा ग्रामीणों का उत्साह

ग्राम कांकर का दौरा इस पूरे भ्रमण का सबसे भावनात्मक और महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। कांकर के निवासियों के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि ग्रामीणों के अनुसार, गांव के इतिहास में पहली बार कोई कलेक्टर उनके बीच सीधे संवाद के लिए पहुंचा था। कलेक्टर के पहुंचने पर ग्रामीणों में अत्यधिक उत्साह देखा गया और उन्होंने आत्मीयता के साथ श्री गुप्ता का स्वागत किया।

ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं और प्रशासन की इस सकारात्मक पहल की सराहना की। इस दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां वितरित किए जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राशन वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता का गेहूं और अन्य सामग्री समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।

वयोवृद्ध नागरिकों को मिली नई उम्मीद

संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने ग्राम भ्रमण के दौरान गांव के दो वयोवृद्ध नागरिकों, श्रीमती कला बाई अहिरवार एवं श्री पन्नालाल अहिरवार से विशेष मुलाकात की। बातचीत के दौरान उन्हें ज्ञात हुआ कि इन बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन बुजुर्गों की पेंशन प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ किया जाए और उन्हें शासकीय सहायता का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। बुजुर्ग नागरिकों के प्रति कलेक्टर का यह सरल और सहज व्यवहार पूरे गांव में चर्चा का विषय बना रहा।

शिक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

कलेक्टर श्री गुप्ता ने मेहलुआ चौराहा स्थित एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को परखा और विशेष रूप से लाइब्रेरी के संधारण पर अपना ध्यान केंद्रित किया।

  • पुस्तकालय का महत्व: उन्होंने लाइब्रेरी में पुस्तकों की उपलब्धता की जांच की और विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए अंग्रेजी भाषा की पुस्तकों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।

  • शैक्षणिक संसाधन: उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को भी शहरी क्षेत्रों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: विद्यालय के अध्ययन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए उन्होंने शिक्षकों को दिशा-निर्देश दिए, ताकि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।

प्रशासनिक संवाद का सकारात्मक प्रभाव

इस दौरे के बाद ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के इस प्रकार के दौरों से उन्हें यह विश्वास हुआ है कि उनकी आवाज अब सीधे सत्ता और प्रशासन के गलियारों तक पहुंच रही है। ग्रामीणों के अनुसार, जब बड़े अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर जमीनी हकीकत को देखते हैं, तो न केवल अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार आता है, बल्कि समस्याओं का समाधान भी तेजी से संभव हो पाता है।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता का यह भ्रमण विदिशा जिले में प्रशासन और आमजन के बीच एक मजबूत कड़ी साबित हो रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि इन दौरों के माध्यम से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए और शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। इस भ्रमण कार्यक्रम से विदिशा जिले की कुरवाई तहसील के गांवों में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत होती दिखाई दे रही है।

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